सेना के सबसे बड़े हथियार डिपो में आग से 16 की मौत

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST
(पत्रिका)

महाराष्ट्र के वर्धा जिले के पास पुलगांव इलाके में 30 मई की रात सेना के केंद्रीय एम्युनिशन डिपो में भयंकर आग लग गई. आग की चपेट में आकर सेना के दो अफसरों समेत 16 जवानों की मौत हो गई.

बताया जा रहा है कि डिपो में आग देर रात करीब 2 बजे लगी. आग पर काबू पाने के लिए तुरंत कोशिशें शुरू कर दी गईं. आग सेना के डंपिंग यार्ड में लगी थी, जो देखते ही देखते भयंकर हो गई. आग पर काबू पा लिया गया है. लेकिन इससे पहले दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. डिपो में काफी देर तक रुक-रुक कर धमाके होते रहे.

आग की चपेट में आकर 19 सुरक्षाकर्मी झुलस गए. जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है. बीच-बीच में होने वाले धमाकों से आग रुक-रुक कर भड़कती रही.

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने पुलगांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया. रक्षा मंत्री ने कहा, "सेना के केंद्रीय आयुध डिपो में आग लगने की वजह का पता जांच के बाद चलेगा. 16 लोगों की जान चली गई. डिपो में आग फैलने न पाए, ये सुनिश्चित करने के लिए बहादुर जवानों ने बलिदान दे दिया."

देश का सबसे बड़ा आयुध डिपो

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने वर्धा के सेवाग्राम अस्पताल पहुंचकर आग में झुलसे घायलों का हाल जाना. इस दौरान थल सेनाध्यक्ष दलबीर सिंह सुहाग भी उनके साथ मौजूद रहे.

सेना की एसआईटी को मामले की जांच सौंपी गई है. नागपुर से 110 किलोमीटर दूर वर्धा जिले के पुलगांव में स्थित आयुध डिपो देश का सबसे बड़ा हथियारों का डिपो है. इसकी गिनती एशिया के सबसे बड़े हथियार डिपो में से एक में होती है. यहां हथियार और गोला-बारूद रखा जाता है. अनुमान है कि आग लगने से करीब 130 टन गोला-बारूद बर्बाद हो गया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पुलगांव में सेना के आयुध डिपो में आग लगने की घटना पर गहरा दुख जताया है. पीएम ने ट्वीट करते हुए कहा, "महाराष्ट्र के पुलगांव में सेना के केंद्रीय आयुध डिपो में जवानों की मौत पीड़ादायक है. शोक-संतप्त परिवारों के प्रति मैं संवेदना प्रकट करता हूं."

First published: 31 May 2016, 11:16 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी