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राजस्थान: 24 साल की शहनाज़ खान बनीं देश की सबसे युवा MBBS सरपंच

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 March 2018, 14:52 IST

राजस्थान से एक अच्छी खबर आई है. राजस्थान के भरतपुर जिले में रहने वाली एक लड़की महज 24 साल की उम्र में सरपंच बन गई है. 24 साल की शहनाज यहां के कामां पंचायत से सरपंच चुनी गई हैं. उन्होंने सरपंच के चुनाव को 195 वोटों से जीता और राजस्थान की पहली महिला MBBS डॉक्टर सरपंच बन गईं.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शहनाज ने बताया कि 'मुझसे पहले मेरे दादाजी भी यहां से सरपंच थे. लेकिन पिछले साल अक्टूबर में कोर्ट ने वो चुनाव को खारिज कर दिया. शहनाज के दादाजी पर सरपंच के चुनाव में फर्जी शैक्षणिक योग्यता का सर्टिफिकेट देने का आरोप था, जिसके बाद कामां का सरपंच चुनाव रद्द कर दिया गया था.

 

इसके बाद शहनाज ने खुद चुनाव लड़ने का फैसला किया. दरअसल, राजस्थान में सरपंच का चुनाव लड़ने के लिए दसवीं पास होना अनिवार्य है. शहनाज का पूरा परिवार राजनीति में ही है. उनके दादा 55 साल तक सरपंच रहे. पिता गांव के प्रधान रहे हैं. मां राजस्थान से विधायक, मंत्री और संसदीय सचिव रही हैं. ऐसे में शहनाज का नाम सरपंच चुनाव के लिए दिया गया.

शहनाज सबसे युवा सरपंच बन गई हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए शहनाज ने कहा, कि लोग आज भी अपनी बेटियों को पढ़ने के लिए स्कूल नहीं भेजते हैं. मैं लड़कियों की शिक्षा पर काम करना चाहती हूं और उन सभी अभिभावकों को अपना उदाहरण दूंगी जो बेटियों को पढ़ने नहीं भेजते.

शहनाज फिलहाल उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज से MBBS कर रही हैं. कॉलेज में उनका लास्ट ईयर है. उन्होंने अपनी दसवीं तक की पढ़ाई गुरुग्राम के श्रीराम स्कूल से की उसके बाद 12वीं की पढ़ाई मारुति कुंज के दिल्ली पब्लिक स्कूल से की है.

 

इससे पहले राजस्थान की ही एक युवा सरपंच छवि राजावत ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं. वह उस समय देश की सबसे युवा महिला सरपंच बनी थीं. इसके अलावा वह देश की पहली एमबीए होल्डर सरपंच भी थीं. वह एक लाख रुपए की नौकरी छोड़कर गांव की सरपंच बनी थीं.

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छवि ने सोढ़ा की सरपंच बनकर गांव की सूरत बदल दी है. उन्होंने सूखाग्रस्त गांव में पानी की जरूरत को पूरा किया. 40 से अधिक सड़कें बनवाईं. 25 मार्च 2011 को उन्हें संयुक्त राष्ट्र में बोलने के लिए अामंत्रित किया गया था. जब वो बोलने को तैयार हुई थीं तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा था.

First published: 18 March 2018, 14:41 IST
 
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