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विजय माल्या के लुकआउट नोटिस पर सीबीआई ने मानी अपनी गलती

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:52 IST

शराब कारोबारी और राज्यसभा सांसद विजय माल्या पर लुकआउट नोटिस में बदलाव की वजह से आलोचनाओं का सामना कर रही सीबीआई ने इस मामले में अपनी गलती मानी है.

सीबीआई ने कहा कि इमिग्रेशन अधिकारियों को भेजे गए नोटिस में माल्या को हिरासत में लेने की बात उसकी ओर से असावधानी की वजह से हुई.

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गौरतलब है कि सीबीआई ने माल्या को हिरासत में लेने वाले नोटिस को एक महीने में ही बदलकर सिर्फ उनकी विदेश यात्रा की जानकारी देने तक सीमित कर दिया था.

सीबीआई ने कहा कि 10 अक्टूबर, 2015 को छापेमारी के दौरान माल्या मिले नहीं थे. उसके बाद एजेंसी ने इमिग्रेशन विभाग को पत्र लिखकर कहा था कि आईडीबीआई बैंक के 900 करोड़ रुपये के ऋण डिफॉल्ट मामले में माल्या की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए.

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सीबीआई ने कहा कि इस बारे में सर्कुलर में आरोपी को हिरासत में लेने वाले कॉलम को एक एसपी स्तर के अधिकारी ने गलती से भर दिया था.

सीबीआई ने कहा कि 23 नवंबर को इमिग्रेशन के अधिकारियों ने माल्या के आने के बारे में सूचित किया था. इमिग्रेशन ब्यूरो ने पूछा था कि क्या करना है. ऐसे में एजेंसी ने सुधारात्मक उपाय करते हुए इमिग्रेशन अधिकारियों से कहा कि उन्हें गिरफ्तार न किया जाए. सिर्फ उनकी आवाजाही की जानकारी दी जाए. 

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उसके एक दिन बाद लुकआउट सर्कुलर में हिरासत को बदलकर सिर्फ आवाजाही की सूचना उपलब्ध कराना कर दिया गया.

आपको बता दें कि भारतीय स्टैंट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व में 17 बैंकों के एक संघ ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर माल्या को देश से बाहर जाने से रोकने, उनकी गिरफ्तारी और उनका पासपोर्ट जब्त करने का आदेश देने की अपील की थी.

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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बुधवार को बताया गया कि माल्या दो मार्च को ही देश छोड़ चुके हैं. कोर्ट ने माल्या को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 मार्च को होगी.

First published: 12 March 2016, 1:58 IST
 
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