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ऐतिहासिक: पहली बार हाईकोर्ट के सिटिंग जज की सुप्रीम कोर्ट में हाज़िरी

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 February 2017, 9:27 IST
(फाइल फोटो)

देश की न्यायपालिका के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब हाईकोर्ट के कोई सिटिंग जज अवमानना के मामले में सुप्रीम कोर्ट में पेश होने जा रहे हैं. कलकत्ता हाईकोर्ट के जज सी एस कर्णन सुप्रीम कोर्ट की सात सदस्यों की बेंच के सामने हाजिरी लगा रहे हैं, जिसकी अध्यक्षता चीफ जस्टिस जेएस खेहर कर रहे हैं. 

दरअसल जस्टिस कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी को एक खत लिखा था. सुप्रीम कोर्ट ने इसके बाद उन्हें नोटिस भेजा था. पिछली सुनवाई में अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने दलील दी थी कि सख्त संदेश देने के लिए सी एस कर्णन जैसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.  

देश की न्यायपालिका के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के कठघरे में हाई कोर्ट के मौजूदा जज खड़े हो रहे हैं. कर्णन पर महाभियोग लगाए जाने की भी संभावना जताई जा रही है.

जस्टिस सीएस कर्णन ने रजिस्ट्रार को खत लिखकर सुप्रीम कोर्ट को दलित विरोधी करार दिया है.

कर्णन: सुप्रीम कोर्ट दलित विरोधी

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट बार काउंसिल ऑफ इंडिया की सलाह भी लेने की तैयारी कर रहा है. सी एस कर्णन को सुनवाई के दौरान न्यायिक कार्यवाही से दूर रखा गया है. सुप्रीम कोर्ट में वे अपना जवाब भी दाखिल कर चुके हैं.

सुप्रीम कोर्ट से अवमानना नोटिस मिलने के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट के जज सी एस कर्णन ने कोर्ट के रजिस्ट्रार को लिखे खत में सुप्रीम कोर्ट को दलित विरोधी बताया है और कहा है कि दलित होने की वजह से उनके खिलाफ ये कार्रवाई हुई है. 

चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय सुप्रीम कोर्ट के जजों की बेंच के पास यह मामला है.

क्यों मचा विवाद?

सी एस कर्णन ने 23 जनवरी को पीएम मोदी को लिखे खत में सुप्रीम कोर्ट और मद्रास हाई कोर्ट के जजों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए . कर्णन ने इस चिट्ठी में 20 जजों के नाम लिखते हुए उनके खिलाफ जांच की मांग की थी. 

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 8 फरवरी को कर्णन को अवमानना नोटिस जारी करते हुए 13 फरवरी सात सदस्यीय पीठ के सामने पेश होने का आदेश दिया. सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में पूर्व जस्टिस मार्कंडेय काटजू को भी अवमानना के मामले में नोटिस जारी किया था. हालांकि काटजू ने माफी मांगकर विवाद का पटाक्षेप कर दिया था. 

First published: 13 February 2017, 9:46 IST
 
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