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84 साल के इतिहास में पहली बार लालबागचा राजा ने रद्द किया गणेश पूजा उत्सव

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 July 2020, 17:06 IST

मुंबई के सबसे बड़े गणेश पूजा के आयोजक लालबागचा राजा ने बुधवार को अपने 84 साल के इतिहास में पहली बार इस वर्ष के उत्सव को रद्द कर दिया है. एक रिपोर्ट के अनुसार लालबाग गणेश मंडल के सचिव सुधीर सालवी ने कहा "इस साल हम कोई मूर्ति नहीं रखेंगे, क्योंकि लोग इसे देखने के लिए उमड़ेंगे." बुधवार की सुबह तक महाराष्ट्र में सबसे अधिक 1,74,761 मामले सामने आये थे. इन मामलों में मुंबई में 77,658 मामले हैं जबकि मरने वालों की संख्या 4,556 है. इस साल 22 अगस्त को पड़ रहा गणेश चतुर्थी का त्योहार महाराष्ट्र में मनाए जाने वाले सबसे बड़े त्योहारों में से एक है.

 

10-दिवसीय उत्सव के दौरान भक्त भगवान गणेश की मूर्तियों की पूजा करते हैं. मुंबई और राज्य के अन्य स्थानों पर स्थापित पंडाल हजारों भक्तों को आकर्षित करते हैं. त्योहार के अंतिम दिन, मूर्तियों जल में विसर्जित किया जाता है. सालवी ने कहा कि इस साल के समारोहों को स्वास्थ्य उत्सव में बदल दिया जाएगा. गणेश चतुर्थी के 10 दिनों में रक्तदान शिविर और प्लाज्मा दान को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता शिविर का आयोजन किया जायेगा." उन्होंने कहा “हम पुलिस और सेना के जवानों के परिवारों का भी सम्मान करेंगे, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दी. हम महामारी से लड़ने के लिए मुख्यमंत्री कोष में 25 लाख रुपये का दान कर रहे हैं.”


प्लाज्मा दान शिविर बृहन्मुंबई नगर निगम के सहयोग से आयोजित किया जाएगा. मुंबई के परेल इलाके में लालबाग में गणेश प्रतिमा वार्षिक उत्सव के दौरान शहर की सबसे बड़ी भीड़ होती है. मुंबई में एक अन्य प्रमुख मंडल लालबाग सर्वजन उत्सव मंडल ने भी इस साल जुलूस नहीं निकालने का फैसला किया है और कहा है कि वह केवल चार फुट की मूर्ति लगाएगा. ऑनलाइन दर्शन की सुविधा भक्तों को प्रदान की जाएगी ताकि वे घर से प्रार्थना में भाग ले सकें.

इसके अलावा, वडाला क्षेत्र में गौड़ सारस्वत ब्राह्मण गणेशोत्सव समिति ने इस उत्सव को अगले साल फरवरी तक के लिए टाल दिया है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने हाल ही में लॉकडाउन के दौरान त्योहारों को लेकर संयम दिखाने के लिए सभी धार्मिक समुदायों को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है, इसलिए गणेश उत्सव को सामान्य धूमधाम से मनाना संभव नहीं होगा.

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First published: 1 July 2020, 17:06 IST
 
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