Home » इंडिया » First time since 2000, more local recruits killed than foreign militants: J&K cops
 

साल 2018 में कश्मीर में मारे गए 246 आतंकी, जिनमें से 150 स्थानीय निवासी : जम्मू-कश्मीर पुलिस

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 February 2019, 12:21 IST

साल 2000 के बाद पहली बार घाटी में 2018 में मारे गए स्थानीय आतंकवादियों की संख्या सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए विदेशी आतंकवादियों की संख्या से ज्यादा है. जम्मू-कश्मीर पुलिस के पास उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए 246 आतंकवादियों में से 150 स्थानीय निवासी और 90 विदेशी थे. गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद जैश-ए-मोहम्मद ने दावा किया कि आदिल अहमद डार उसका आतंकी था. वह पुलवामा का रहने वाला था.

पिछले तीन वर्षों में स्थानीय और विदेशी दोनों मारे गए आतंकवादियों की कुल संख्या 2016 में 130 से बढ़कर 2017 में 200 और 2018 में 240 तक पहुंच गई. 2019 के पहले 46 दिनों में घाटी में 31 आतंकवादी मारे गए हैं. 2018 में घाटी में 99 ऑपरेशन हुए जिसमें 28 नागरिक हताहत हुए.

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इनमें से कम से कम 57 ऑपरेशन दक्षिण कश्मीर में हुए और दक्षिण कश्मीर के शोपियां, पुलवामा और कुलगाम में नागरिकों की मौत हुई. 2008 और 2013 के बीच उग्रवाद से संबंधित घटनाओं में गिरावट के बाद 2015 के मध्य से लेकर अब तक स्थानीय स्तर पर भर्तियों की संख्या में तेज वृद्धि हुई है.

2017 में 80 स्थानीय और 120 विदेशी आतंकवादी मारे गए थे. 2016 में कश्मीर में 30 स्थानीय और 100 विदेशी आतंकवादी मारे गए. जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने के अनुसार कश्मीर में सक्रिय उग्रवादियों की सबसे कम संख्या 2013 में 78 आतंकवादियों की थी.

वर्तमान में, सक्रिय आतंकवादियों की संख्या लगभग 250 है. 2015 के मध्य में जब बुरहान वानी, एक हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर, ने इंटरनेट के माध्यम से उग्रवाद का प्रचार किया, कश्मीर में 142 आतंकवादी सक्रिय थे. जुलाई 2016 में उनकी हत्या से उग्रवादियों की भर्ती में तेजी आई.

First published: 16 February 2019, 12:12 IST
 
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