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कोलकाता फ्लाइओवर हादसा: लंबी है देश में निर्माण हादसों की लिस्ट

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 2 April 2016, 8:48 IST

बृहस्पतिवार को कोलकाता में निर्माणाधीन फ्लाईओवर के धराशायी होने से 24 लोगों की मौत हो गई जबकि 60 से ज्यादा घायल हो गए. इस घटना से पूरे देश को हिला दिया है. लेकिन देश में इससे पहले भी ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें निर्माणाधीन इमारत-पुल आदि के एकाएक ढहने से सैकड़ों लोगों की जानें जा चुकी हैं. बीते एक सात वर्षों में देश में हुए ऐसे पांच हादसों पर एक नजर.

सितंबर 2013: माजागांव, मुंबई में इमारत ढही, 61 की मौत

27 सितंबर 2013 को सुबह छह बजे पांच मंजिला इमारत धराशायी हो गई. बीएमसी की इस इमारत में 100 से ज्यादा लोग रह रहे थे. पुलिस के मुताबिक इमारत के ढहने का कारण इमारत के भूतल पर बिना अनुमति के भूमिगत तल का निर्माण किया जाना था. इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर बने एक कार्यालय के गोदाम में बिना अनुमति के तहखाना बनवाया जा रहा था. 32 साल पुरानी इस इमारत के ढहने से 61 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 32 लोग घायल हो गए थे. इसके बाद नगरपालिका के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था.

अप्रैल 2013: ठाणे में इमारत ढही, 74 की मौत

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महाराष्ट्र स्थित मुंबई के ठाणे में 4 अप्रैल 2013 को एक निर्माणाधीन इमारत ढह गई. इस हादसे में 18 बच्चों, 23 महिलाओं और 33 पुरुषों समेत 74 लोगों की मौत हो गई. जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. राहत और बचाव कार्य दो दिनों तक चला और 6 अप्रैल 2013 तक मलबे से घायल और जिंदा लोगों को निकालने का सिलसिला जारी रहा. मध्य आय वर्ग के करीब 150 लोगों के लिए बनाई जा रही इमारत में लोगों को रहने की अनुमति नहीं मिली थी. वहां केवल इमारत के निर्माण में लगे मजदूर और उनके परिवार ही रह रहे थे. बताया गया था कि इमारत का निर्माण अवैधरूप से किया जा रहा था. 11 अप्रैल को बिल्डर्स, इंजीनियर्स, मुनिसिपल अधिकारियों समेत कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया. प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो पूरी सात मंजिला इमारत तीन से चार सेकेंड में धराशायी हो गई थी. 

नवंबर 2010: नई दिल्ली में इमारत ढही, 67 की मौत

Laltia park building collapse.jpg

देश की राजधानी नई दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में स्थिल ललिता पार्क में 15 नवंबर 2010 को रात सवा आठ बजे एक इमारत ढह गई. 15 साल पुरानी इस इमारत में करीब 200 लोग रह रहे थे. इस इमारत के पांचवें तल का निर्माण किया जा रहा था. जबकि यह इसके दो तल पहले से ही अवैधरूप से निर्मित किए गए थे. इतनी ऊंची इमारत के हिसाब से नींव मजबूत न होने से यह ढह गई. इसमें 67 लोगों की मौत हो गई जबकि 73 घायल हो गए थे. इसके पास हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए और इमारत के मालिक अमृत सिंह पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया. 

सितंबर 2010: नई दिल्ली में एफओबी गिरा, 27 घायल

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राजधानी नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन से पहले 20 सितंबर 2010 को दोपहर 3:10 बजे जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के बाहर एक निर्माणाधीन फुट ओवरब्रिज ढह गया. इसमें 27 लोग घायल हो गए थे. लोधी रोड इलाके में बन रहे इस एफओबी का निर्माण चंडीगढ़ की पीएनआर इंफ्रा नामक कंपनी द्वारा किया जा रहा था. जिस वक्त मजदूर निर्माणाधीन पुल के एक हिस्से पर कंक्रीट का मसाला डाल रहे थे तभी पुल ढह गया. 

सितंबर 2009: कोर्बा में चिमनी ढही, 45 की मौत

Korba Chimney Collapse 2009.jpg

23 सितंबर 2009 को छत्तीसगढ़ के कोर्बा में एक निर्माणाधीन चिमनी ढह गई. भारत एल्यूमीनियम कंपनी लि. (बाल्को) द्वारा बनाई जा रही यह चिमनी गिरने से पहले 790 फीट तक ऊंची हो गई थी. उस दिन शाम को आए तूफान के बाद करीब 100 मजदूर सिर छिपाने के लिए चिमनी के नीचे बैठ गए थे. तभी यह विशालकाय चिमनी उनके ऊपर गिर गए. इसके तुरंत बाद ही राहत-बचाव कार्य जारी कर दिया गया. लेकिन बारिश के बीच फंसे मजदूरों को निकालना काफी मुश्किल काम था. 

First published: 2 April 2016, 8:48 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

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