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मुंबई और केरल में भारी बारिश से बिगड़े हालात, यूपी के 17 जिलों में बाढ़ का कहर

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 August 2020, 7:29 IST

Flood like situation in Panamaram, Wayanad: केरल (Kerala) और मुंबई (Mumabi) में हुई भारी बारिश (Heavy Rain) के चलते हालात बेहद खराब हैं. गुरुवार को केरल के पनामारम और वायनाड जिलों में हुई भारी बारिश के चलते बाढ़ (Flood) जैसी स्थिति पैदा हो गई. मौसम विभाग ने वायनाड जिले में एक बार फिर से भारी बारिश के चेतावनी जारी की है. इसके अलावा मुंबई में भारी बारिश (Mumbai Rains) के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मुंबई में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के चलते पैडर रोड़ इलाके में भारी नुकसान की खबर है. सीएम उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) और कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे बीएमसी के अधिकारियों के साथ गुरुवार रात इस इलाके में नुकसान का जायजा लेने के लिए पहुंचे.

मुंबई में हुई भारी बारिश के चलते कई रास्ते बंद हो गए जिसके चलते 29 बसें पानी में बंद हो गईं. वहीं पैडर रोड़ को भी वाहनों की आवाजाही के लिए बंद करना पड़ा. जिसके चलते यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. वहीं उत्तर प्रदेश ( Uttar Pradesh) के पूर्वी जिलों में हुई भारी बारिश के चलते 17 जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं. इन जिलों के 666 गांव बाढ़ की चपेट में हैं. जबकि शारदा, राप्ती और घाघरा (Ghaghara) नदियां अलग-अलग जगहों पर खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं. इसके अलावा यूपी में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की 16 टीमें राहत और बचाव कार्य के लिए तैनात की गयी हैं. जबकि कुल 219 आश्रय स्थल बनाये गये हैं और 983 नावों को तैनात किया गया है.


उत्‍तर प्रदेश के राहत आयुक्त संजय गोयल ने गुरुवार को बताया कि आंबेडकरनगर, अयोध्या, आजमगढ, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बाराबंकी, बस्ती, गोण्डा, गोरखपुर और कुशीनगर जिले बाढ़ के प्रभावित हुए हैं. इसके अलावा लखीमपुर खीरी, मऊ, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और सीतापुर जिले भी बाढ़ से प्रभावित हैं. राहत आयुक्त ने सिंचाई विभाग की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए बताया कि शारदा, राप्ती और घाघरा नदियां अलग-अलग जगहों पर खतरे के निशान को पार कर गई हैं.

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उन्होंने बताया कि पलियांकला (लखीमपुर खीरी) में शारदा, बर्डघाट (गोरखपुर) में राप्ती, एल्गिनब्रिज (बाराबंकी), अयोध्या और तुर्तीपार (बलिया) में सरयू—घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. जबकि गोरखपुर में राप्ती नदी में एक तटबंध से पानी रिस रहा है और मऊ जिले के एक तटबंध पर भूमि क्षरण हुआ है. दोनों ही जगहों पर मरम्मत का कार्य चल रहा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

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राहत आयुक्त संजय गोयल के बताया कि मऊ जिले में बाढ से करीब 5,000 परिवार प्रभावित हुए हैं. तीन प्रभावित गांवों में फंसे 20 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है. इसके अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में तटबंधों और पुलों को कोई खतरा नहीं है. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की 16 टीमें राहत और बचाव कार्य के लिए तैनात की गई हैं. साथ ही 219 आश्रय स्थल बनाये गये हैं और 983 नावों को तैनात किया गया है. वहीं, 712 बाढ चौकियां स्थापित की गई हैं और 249 मेडिकल टीमें भी तैनात हैं.

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First published: 7 August 2020, 7:29 IST
 
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