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हिममानव येती के पैरों वाली तस्वीरों का खुला राज, नेपाल ने बताई ये सच्चाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 May 2019, 11:12 IST

दो दिन पहले भारतीय सेना ने कुछ तस्वीरें ट्वीट की थीं और दावा किया था कि ये हिममानव येती के पैरों के निशान है. इन तस्वीरों को देखने के बाद दुनियाभर में एक बार फिर से हिममानव के अस्तित्व को लेकर चर्चा होने लगी. अब नेपाल ने इन तस्वीरों का खंडन करते हुए इनकी सच्चाई बताई है. नेपाल ने कहा है कि ये जंगली भालू के पैरों के निशान हैं जो अक्‍सर इस इलाके में दिखाई देते हैं.

बता दें कि भारतीय सेना ने दावा किया था ये उन्होंने 9 अप्रैल को मकालू बेस कैंप के पार रहस्यमयी प्राणी के पैरों के निशान देखे थे. सेना ने इन निशानों को हिममानव येती का बताया था. नेपाल ने भारतीय सेना से कहा है कि हिमालयन रेंज में स्थित मकालू बेस कैंप पर उसे जो विशाल पैरों के निशान दिखाई दिए हैं, वह किसी येती के नहीं बल्कि जंगली भालू के हैं.बता दें कि नेपाल-तिब्‍बत बॉर्डर के पास स्थित मकालू-बारून संरक्षित क्षेत्र है जहां अक्सर जंगली जानवर देखने को मिलते हैं जिनमें जंगली भालू मुख्यरूप से शामिल हैं.

भारतीय सेना ने तस्वीरों को ट्वीट कर बताया था कि 9 अप्रैल को पर्वतारोहियों की एक टीम का ध्‍यान इन निशानों पर पड़ा था. सेना ने बताया था कि पैरों के निशान 32X15 के हैं. नेपाल आर्मी के लाइजेन ऑफिसर ने भारतीय सेना के इन तर्कों को पूरी तरह से खारिज कर दिया.

उन्होंने बताया कि इस तरह के निशान अक्‍सर इस इलाके में दिखाई देते हैं. यह निशान जंगली भालू के पैरों के हैं न कि किसी येती के. वहीं नेपाल आर्मी के प्रवक्‍ता ब्रिगेडियर जनरल बिग्‍यान देव पांडेय ने बताया कि इंडियन आर्मी ने पैरों के निशान देखे थे और हमारी लाइजेन टीम उनके साथ थी. हमने सच का पता लगाने की कोशिश. स्‍थानीय लोगों और पोर्टर्स ने बताया कि यह जंगली भालू के पैरों के निशान हैं.

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First published: 2 May 2019, 11:12 IST
 
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