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मिसाल-बेमिसाल: लखनऊ की ईदगाह में महिलाएं पहली बार पढ़ेंगी नमाज

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 July 2016, 17:09 IST
(पत्रिका)

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ इस बार ईद के दिन ऐतिहासिक पल की गवाह बनने जा रही है. लखनऊ की प्रसिद्ध ईदगाह ऐशबाग ने ईद की नमाज अदा करने के लिए अपने यहां महिलाओं के प्रवेश को मंजूरी दी है.

धार्मिक स्थलों में महिलाओं के प्रवेश को लेकर छिड़ी बहस के बीच लखनऊ स्थित ऐशबाग ईदगाह में पहली बार महिलाओं के ईद की नमाज अदा करने के लिये अलग से इंतजाम किया गया है. ऐशबाग ईदगाह में महिलाओं के नमाज अदा करने के लिए इस फैसले को एक प्रगतिशील कदम माना जा रहा है.

ऐशबाग ईदगाह में रचा जाएगा इतिहास

ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने बुधवार को बताया कि इस बार ऐशबाग ईदगाह में औरतों के लिये ईद की नमाज का खास इंतजाम किया गया है. ऐसा पहली हो रहा है. ईदगाह में पुरषों के साथ-साथ पहली बार बड़ी संख्या में महिलाएं भी ईद की नमाज अदा कर सकेंगी. 

ईदगाह में महिलाओं की नमाज़ पहली बार हो रही है. इसी के चलते व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया है. ईदगाह के इमाम ने बताया कि महिलाओं को नमाज स्थल तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो, इस बात का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है. 500 महिलाओं के लिए नमाज अदा करने की व्यवस्था की गई है.

इमाम ने कहा कि अगर हमारे अनुमान से महिलओं की संख्या ज्यादा होती है, तो हम उसी अनुसार और भी बड़ा इंतज़ाम करेंगे. महिलाओ ने ईदगाह के इस फैसले का स्वागत किया है.

महिलाओं ने किया फैसले का स्वागत

कई महिला संगठनों ने ईदगाह के इस फैसले का स्वागत किया है. राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की पूर्व सदस्य समीना शफीक ने कहा कि महिलाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए ये एक महत्वपूर्ण कदम है.

सफीक ने एएनआई को बताया, "मुझे लगता है कि यह एक स्वागत योग्य कदम है. ईदगाह में महिलाओं के लिए नमाज का प्रबंध करने के लिए मैं मुस्लिम धार्मिक नेता मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महाली का आभार जताना चाहती हूं. मुझे लगता है कि हर मस्जिद को इस तरह की पहल करनी चाहिए. यह एक बहुत ही स्वागत योग्य कदम है."

ईदगाह प्रबन्ध कमेटी का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब देश में धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के प्रवेश को लेकर बहस छिड़ी हुई है. महाराष्ट्र के शनि सिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी के खिलाफ आंदोलन के बाद वहां सदियों पुरानी परम्परा टूटी है.

अप्रैल में पहली बार महिलाओं को भी सिंगणापुर मंदिर में दाखिल होने की इजाजत दी गई. वहीं हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश का मामला भी मुंबई हाईकोर्ट में चल रहा है.

First published: 6 July 2016, 17:09 IST
 
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