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माया के 'स्वामी' अब कमल के कुनबे में

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 August 2016, 14:53 IST

तकरीबन डेढ़ महीने पहले बसपा छोड़ने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए हैं. मौर्य ने दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.

हालांकि यह पहले ही तय हो गया था कि मौर्य बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं. आज इस पर औपचारिक मुहर लग गई. दिल्ली में भाजपा कार्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य के पार्टी में शामिल होने का एलान किया गया.

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मौर्य का बीजेपी में शामिल होना अहम है. पिछले डेढ़ महीने के दौरान बीजेपी के यूपी प्रभारी ओम प्रकाश माथुर ने मौर्य की दो बार बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कराई. 

8 फीसदी वोट बैंक पर नजर

यादव, कुर्मी और लोध के बाद मौर्य समुदाय यूपी में पिछड़ी बिरादरी (ओबीसी) का सबसे बड़ा जाति समूह है. यूपी में इस जाति समूह में मौर्य, कुशवाहा, सैनी, शाक्य, काछी और मुराव जातियां आती हैं. इनकी आबादी करीब आठ फीसदी के आस-पास है. 

यूपी विधानसभा में इस जाति समूह के 15 विधायक हैं, जबकि लोकसभा में 4 सांसद हैं. यादवों को छोड़कर बाकी पिछड़ी जातियों की गोलबंदी की बदौलत 2012 के विधानसभा चुनाव में 15 फीसदी के मुकाबले 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को करीब 43 फीसदी वोट मिले थे.

बसपा के संस्थापक कांशीराम ने दलितों को बीएसपी का आधार वोट बनाया, जबकि मौर्य, कुशवाहा और कुर्मी को स्टेपनी वोट बैंक के रूप में जोड़ा. उन दिनों सोनेलाल पटेल, बाबू सिंह कुशवाहा और स्वामी प्रसाद मौर्य कांशीराम के साथ घूमा करते थे. अब बीजेपी इसी फॉर्मूले पर चल रही है.

22 जून को छोड़ी थी बसपा

स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने समर्थकों के साथ बीजेपी की सदस्यता ली. इस दौरान उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के अलावा पार्टी के यूपी प्रभारी ओम प्रकाश माथुर और कई वरिष्ठ बीजेपी नेता मौजूद रहे.

स्वामी प्रसाद मौर्य ने 22 जून को बसपा सुप्रीमो मायावती पर टिकटों की नीलामी का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी थी.  मौर्य ने आरोप लगाया था कि मायावती ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पैसे लेकर टिकटों का बंटवारा किया है.

पढ़ें: मायावती को बड़ा झटका, स्वामी प्रसाद मौर्य का बसपा से इस्तीफा

कौन हैं स्वामी प्रसाद मौर्य?

स्वामी प्रसाद मौर्य की गिनती उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के बड़े नेताओं में थी. पार्टी से इस्तीफा देते वक्त वह विधानसभा में नेता विपक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.

पूर्वांचल से बीएसपी के बड़े चेहरे के तौर पर स्वामी प्रसाद मौर्य की पहचान थी. 2009 में पडरौना विधानसभा के लिए हुए एक उपचुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने मौर्य को पार्टी का उम्मीदवार बनाने का फैसला किया.

उस चुनाव में मौर्य ने तत्कालीन केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह की मां को हराकर सबको चौंका दिया था. इस जीत के साथ ही मौर्य ने 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के आरपीएन सिंह के हाथों मिली शिकस्त का बदला भी ले लिया था. 

पढ़ें: मायावती: गद्दार और स्वार्थी हैं स्वामी प्रसाद मौर्य

2012 में 16वीं विधानसभा के लिए हुए चुनाव में भी स्वामी प्रसाद मौर्य जीत हासिल करने में कामयाब रहे थे. अभी वो पडरौना विधानसभा सीट से विधायक हैं.

मौर्य चार बार विधायक रहने के अलावा उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं. 13वीं और 14वीं विधानसभा में वह रायबरेली जिले की डलमऊ सीट से विधायक थे. ओबीसी समुदाय से आने वाले मौर्य 1997 में भी राज्य सरकार में मंत्री थे.

इसके अलावा 2002 से 2003 के दौरान मौर्य उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता सदन थे. प्रतापगढ़ जिले में पैदा हुए मौर्य ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई करते हुए एमए और एलएलबी की डिग्री हासिल की.

First published: 8 August 2016, 14:53 IST
 
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