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दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस राजिंदर सच्चर का निधन

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 April 2018, 14:42 IST

दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस राजिंदर सच्चर का एक निजी अस्पताल में आज (शुक्रवार) निधन हो गया. जस्टिस सच्चर 94 साल के थे. सच्चर के परिवार के एक मित्र ने ये जानकारी दी. जस्टिस सच्चर काफी समय से बीमार थे और हाल ही में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परिवार के एक मित्र ने बताया, ‘न्यायमूर्ति सच्चर का निधन दोपहर करीब 12 बजे हुआ. उनका बढ़ती उम्र संबंधी परेशानियों का इलाज चल रहा था.’

जस्टिस सच्चर ने 1952 में वकालत से अपने करियर की शुरुआत की थी. 8 दिसंबर 1960 में सुप्रीम कोर्ट में वकालत शुरू की थी. 12 फरवरी 1970 को दो साल के लिए दिल्ली हाईकोर्ट के एडिशनल जज बने थे. 5 जुलाई 1972 को दिल्ली हाईकोर्ट का जज बनाया गया था. दिल्ली हाईकोर्ट के अलावा जस्टिस सच्चर सिक्किम, राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस रह चुके हैं.

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सच्चर कमेटी के लिए किया जाएगा याद

सच्चर कमेटी को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस काफी चर्चा में रहे. जस्टिस सच्चर कमेटी भारत में मुसलमानों की स्थिति पर बनाई गई थी. जस्टिस सच्चर का जन्म 22 दिसम्बर 1923 को हुआ था. मानवाधिकार को लेकर जस्टिस सच्चर ने काफी काम किया था.

 

भारत सरकार ने 9 मार्च, 2005 को देश के मुसलमानों के तथाकथित सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक पिछड़ेपन से जुड़े मुद्दों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी (भविष्य में एचएलसी के रूप में निर्दिष्ट) गठित की थी.

देश में मुसलमानों की सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक दशा जानने के लिए यूपीए सरकार के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2005 में दिल्ली हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस राजिंदर सच्चर की अध्यक्षता में समिति गठित की थी. 403 पेज की रिपोर्ट को 30 नवंबर, 2006 को लोकसभा में पेश किया गया था. न्यायमूर्ति सच्चर छह अगस्त , 1985 से 22 दिसंबर , 1985 तक दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे.

 

First published: 20 April 2018, 14:40 IST
 
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