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राम मंदिर पर फैसला सुनाने वाले पूर्व CJI रंजन गोगोई को राष्ट्रपति ने राज्यसभा भेजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 March 2020, 21:59 IST

भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने राजयसभा के लिए मनोनीत किया है. राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा के लिए 12 सदस्य मनोनीत किए जाते हैं. रंजन गोगोई 17 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पद से सेवा निवृत्त हुए थे. गोगोई ने 3 अक्टूबर 2018 को भारत के 46वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी.  सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति गोगोई के कार्यकाल को राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाने के लिए याद किया जाता है. 

इससे पहले वह तब चर्चा ने आए थे जब उन्होंने अन्य साथी जजों के साथ एक अभूतपूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया था. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने तत्कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा के कामकाज पर सवाल उठाये थे. न्यायमूर्ति गोगोई उस पीठ का भी हिस्सा थे जिसने राफेल सौदे की जांच की मांग वाली याचिकाओं को दो बार खारिज किया. 

 

पिछले साल भी उन्हें यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना करना पड़ा था. अपनी 28-पृष्ठ की शिकायत में महिला ने आरोप लगाया था कि 10 अक्टूबर और 11 अक्टूबर 2018 को CJI ने अपने घर के कार्यालय में, उन्हें अनुचित तरीके से छुआ था. आरोपों के सार्वजनिक होने के तुरंत बाद CJI गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने एक हस्ताक्षरित बयान जारी कर कहा था कि आरोप एक साजिश का हिस्सा थे. एक इन-हाउस कमेटी ने गोगोई को क्लीन चिट दे दी थी.

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First published: 16 March 2020, 21:59 IST
 
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