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सेना पर आरोप लगाने की वजह से राव इंद्रजीत की रक्षा मंत्रालय से छुट्टी!

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 July 2016, 12:22 IST
(पीटीआई)

मोदी सरकार के मंत्रिपरिषद में हुए बड़े फेरबदल में गुड़गांव से बीजेपी के सांसद राव इंद्रजीत सिंह को रक्षा राज्यमंत्री के पद से मुक्त करके योजना एवं नगरीय विकास राज्‍यमंत्री बना दिया गया.

राव इंद्रजीत सिंह के तबादले के पीछे जो आतंरिक वजह बताई जा रही है, उसके मुताबिक मंत्रिपरिषद फेरबदल से 10 दिन पहले 25 जून को रक्षा मंत्रालय की बैठक में राव इंद्रजीत ने कथित धांधली के मामले में काफी नाराजगी जताई थी. स्वयं रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को दखल देकर मामला शांत कराना पड़ा था.

अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक बैठक के दौरान इंद्रजीत सिंह ने सेना और रक्षा मंत्रालय की अधिग्रहण इकाई पर आरोप लगाया कि 44 हजार कार्बाइन के ठेके में गलत चुनाव किया गया.

पूर्व रक्षा राज्यमंत्री ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए इटैलियन कंपनी बेरेटा को ठेके में शामिल करने का पक्ष लिया था. वहीं दूसरी तरफ ऐसा कहा जा रहा है कि सेना के ट्रायल में बेरेटा कंपनी की कार्बाइन फेल हो गई थी और इजरायली कंपनी आईडब्‍ल्‍यूआई यह टेस्‍ट पास कर पाई थी.

बैठक के दौरान सेना और रक्षा मंत्रालय की अधिग्रहण इकाई ने बताया कि किसी कंपनी को टेंडर में शामिल करने के लिए नियम बदले नहीं जा सकते हैं.

इस मामले में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर एक कंपनी को नहीं रखने पर राजी थे, वहीं राव इंद्रजीत सिंह चाहते थे कि पता लगाया जाए कि आईडब्‍ल्‍यूआई का चयन सेना ने कैसे किया है.

गौरतलब है कि सेना कई साल पहले ही अपनी कार्बाइन को रिटायर कर चुकी है. उसके बाद सेना के द्वारा साल 2010 में 44600 कार्बाइन मंगाने का टेंडर जारी हुआ था.

2013 में बेरेटा, आईडब्‍ल्‍यूआई और कोल्‍ट ने सेना के सामने अपने-अपने कार्बाइन का ट्रायल दिया. जिसमें कोल्‍ट और बेरेटा की कार्बाइन टेस्ट में फेल हो गई थी.

First published: 8 July 2016, 12:22 IST
 
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