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थोड़ी देर में निगम बोध पर राजकीय सम्मान के साथ होगा जेटली का अंतिम संस्कार

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 August 2019, 15:05 IST

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का पार्थिव शरीर दिल्ली के निगम बोध पहुंच गया है. जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी. पूर्व वित्त मंत्री जेटली का शनिवार दोपहर दिल्ली स्थित एम्स में निधन हो गया. वह पिछले कुछ महीनों से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे. 9 अगस्त को उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था, लेकिन उनकी तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ.

निगम बोध पर जेटली के परिवार, पार्टी नेता और हजारों की संख्या में उनके प्रशंसक पहुंचे हुए हैं. उनके परिजन और नेता थोड़ी देर में उन्हें आखिरी विदाई देंगे. आज सुबह पूर्व वित्त मंत्री का पार्थिव शरीर उनके कैलाश कॉलीनी स्थित घर से बीजेपी मुख्यालय में अंतिम दर्शनों के लए रखा गया था.जहां गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.

भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त सर डोमिनिक एस्क्विथ जेटली की अंतिम यात्रा में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि जेटली ब्रिटेन में भी काफी लोकप्रिय हैं. वे हमेशा लोगों के सपनों को पूरा करने के लिए काम करते रहे हैं. इससे पहले शनिवार को जेटली के आवास पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, अमित शाह, राजनाथ सिंह, लालकृष्ण आडवाणी, मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, अरविंद केजरीवाल, डॉ. हर्षवर्धन, चंद्रबाबू नायडू समेत कई नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे.a

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय तीन दिन की विदेश यात्रा पर हैं. अपनी यात्रा के दूसरे पड़ाव में वह संयुक्त अरब अमीरात से शनिवार शाम सीधे बहरीन पहुंचे थे. जहां उन्हें पूर्व वित्त मंत्री जेटली के निधन की खबर मिली. उनके निधन की खबर मिलते ही वह भावुक हो गए. हालांकि जेटली के निधन के बाद भी पीएम मोदी वापस भारत नहीं आए और रविवार को सीधे फ्रांस चले गए. हालांकि इससे पहले उन्होंने जेटली के निधन पर दुख व्यक्त किया और अपने फर्ज का हवाला देते हुए उनके निधन पर ना आ पाने की मजबूरी बताई थी.

जब मोदी ने बहरीन में भारतीय समुदाय को संबोधित किया तब उन्होंने कहा कि, “मैं एक दर्द दबा कर आपके बीच खड़ा हूं. विद्यार्थीकाल से लेकर सार्वजनिक जीवन में हम मिलकर साथ चले. हर पल एक-दूसरे के साथ जुड़े रहना, साथ मिलकर जूझते रहना. जिस दोस्त के साथ यह सब किया उसने आज दुनिया छोड़ दी. कल्पना नहीं कर सकता कि इतनी दूर बैठा हूं और मेरा एक दोस्त चला गया. बड़ी दुविधा का पल है. लेकिन मैं एक तरफ कर्तव्य और दूसरी तरफ दोस्ती की भावना से भरा हूं. मैं दोस्त अरुण को बहरीन की धरती से श्रद्धांजलि देता हूं.”

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First published: 25 August 2019, 15:05 IST
 
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