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अपने अंतिम समय में इन लोगों को याद करते रहे अरुण जेटली

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 August 2019, 14:12 IST

पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का शनिवार को दिल्ली स्थित एम्म में 66साल की उम्र में निधन हो गया. किडनी ट्रांसप्लान के बाद जेटली कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे. इसी महीने 9 तारीख को सांस लेने में तकलीफ के चलते उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया थाअरुण जेटली राजनेता के साथ-साथ कानून के भी जानकार थे. हाजिर जवाबी में उनका कोई सानी नहीं था. यही नहीं वह पार्टी को गंभीर से गंभीर संकट से बाहर निकालने में भी महारथ हालिस किए हुए थे. बीजेपी के लिए वह एक संकटमोचक के तौर पर लंबे समय तक याद किए जाएंगे.

जेटली पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे बावजूद इसके उन्होंने सोशल साइट्स पर अपनी सक्रियता कम नहीं होने दी. वह आए दिन अपने ट्वीट के माध्यम से अपनी राय देते रहे. बीते 7 अगस्त को अरुण जेटली आखिरी बार सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता दर्ज कराई थी. बीते 9 अगस्त को सांस लेने में तकलीफ के कारण उनको एम्स में भर्ती कराया गया था. उसके बाद से वहीं एम्स में ही भर्ती रहे. इस बीच उनके स्वास्थय को लेकर काफी उतार-चढ़ाव आते रहे. देशभर के तमाम नेता उनका हालचाल जानने एम्स पहुंचे और 24 अगस्त को वह दुनिया को अलविदा कह कर चले गए.

उन्होंने आखिरी बार 6 अगस्त को श्री रामचरितमानस के रचयिता और महान संत तुलसीदास की जयंती पर उनको नमन किया था. 5 से 6 अगस्त के बीच अरुण जेटली अपने ब्लॉग arunjaitley.com और फेसबुक पेज पर भी सक्रिय रहे. जब 6 अगस्त को सुषमा स्वराज का निधन हुआ तो अरुण जेटली ने सोशल साइट्स के जरिए ही अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की.

6 अगस्त को 3 बजकर 14 मिनट पर जेटली ने अपने फेसबुक पेज पर संसद के सफल सत्र पर एक ब्लॉग लिखा. इस ब्लॉग में जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को विशेषतौर पर धन्यवाद दिया था. अरुण जेटली ने इस ब्लॉग में तीन तलाक से लेकर जम्मू-कश्मीर को लेकर सरकार के फैसले की तारीफ की थी.

उन्होंने अपने अंतिम फेसबुक ब्लॉग में लिखा, "संसद का वर्तमान सत्र सबसे अधिक लाभदायक रहा है. इस सत्र में ऐतिहासिक विधान पारित किए गए हैं. ट्रिपल तालाक कानून, भारत के आतंकवाद विरोधी कानूनों को मजबूत करना और अनुच्छेद 370 पर निर्णय सभी अभूतपूर्व हैं. लोकप्रिय धारणा है कि अनुच्छेद 370 पर बीजेपी ने जो वादा किया था, उसकी उपलब्धि अविश्वसनीय है."

उन्होंने अपने ब्लॉग में आगे लिखा, "सरकार की नई कश्मीर नीति के समर्थन में जनता का मूड इतना मजबूत है कि कई विपक्षी दलों ने जनता की राय के आगे घुटने टेक दिए. राज्यसभा के लिए दो-तिहाई बहुमत से इस फैसले को मंजूरी देना किसी की भी कल्पना से परे है. मैं इस निर्णय के प्रभाव का विश्लेषण करता हूं, जम्मू-कश्मीर मुद्दे को हल करने में विफल प्रयासों का इतिहास.”

इसके अलावा जेटली ने 6 अगस्त को शाम 4 बजे के बाद एक के बाद एक कई ट्वीट किए. जेटली के सभी ट्वीट्स जम्मू-कश्मीर पर सरकार के फैसले को लेकर किए गए. कुछ ट्वीट्स में जेटली कांग्रेस को जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया था. साथ ही पीएम मोदी और शाह की तारीफ में भी ट्वीट किए.

PM मोदी ने 'दोस्त' अरुण जेटली के निधन पर जो लिखा वह पढ़कर भावुक हो जाएंगे आप

First published: 24 August 2019, 14:12 IST
 
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