Home » इंडिया » former ias sp singh told true story about kairana
 

कैराना विवाद पर मुजफ्फरनगर के पूर्व डीएम का कबूलनामा

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 June 2016, 11:59 IST
(एजेंसी)

उत्तर प्रदेश के कैराना से हिंदू परिवारों के कथित पलायन की खबरें विवाद का विषय बनी हुई हैं. वहीं इस मसले पर एक पूर्व आईएसएस अधिकारी ने सोशल मीडिया के जरिए कुछ संगीन आरोप लगाए हैं.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संवेदनशील जिले मुजफ्फरनगर में डीएम रह चुके रिटायर्ड आईएसएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने अपने फेसबुक वॉल पर कैराना की सच्चाई को कुछ यूं पेश किया है.

'कुछ इलाकों में पुलिस भी नहीं जा पाती'

पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा कि जब वे मुजफ्फरनगर में बतौर डीएम तैनात थे, तो कैराना जाना हुआ करता था.

उन्होंने लिखा है, "कैराना के कई इलाकों में ऐसी स्थिति है कि जहां पुलिस रात में तो क्या, दिन में भी नहीं घुस सकती है." पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने लिखा, "सावधान उत्तर प्रदेश, चुनावी दौर है. कैराना को संभालो... कहीं देर न हो जाए...स्थिति कभी भी विस्फोटक हो सकती है."

पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह का फेसबुक पेज (फेसबुक)

'पूर्व सांसद के संरक्षण में अपराध'

पूर्व आईएएस अफसर ने आगे लिखा, "मैं मुजफ्फरनगर का डीएम रहा हूं और कैराना की आबो-हवा से अच्छी तरह वाकिफ हूं. कोई मेरी बात का अन्यथा मायने न निकाले. मैं सभी मजहबों का सम्मान करता हूं.

कैराना में कुछ ऐसे मोहल्ले हैं. जहां पुलिस दिन में भी नहीं जा सकती है. गुंडागर्दी, अवैध असलहा, पशु तस्करी एक राजनैतिक पार्टी के पूर्व सांसद के संरक्षण में दिन-दहाड़े होती है. उस पूर्व सांसद के अहाते में 25 किलो सोना और कई क्विंटल चरस बरामद हुई थी."

पूर्व सांसद को भेज चुके हैं जेल

पूर्व आईएएस लिखते हैं कि पुलिस कोतवाली में एक मजहब विशेष का ही दारोगा तैनात करना पड़ता है. नहीं तो कैराना को संभालना मुश्किल हो जाता है. वे लिखते हैं कि चुनाव के दौरान जब मैं वहां था, तो मजिस्ट्रेट और पुलिस को रात में कुछ मोहल्लों में घुसने का सवाल ही पैदा नहीं होता था.

ऐसे इलाकों में दिन में भी किसी अपराधी को पकड़ने या तो कोई जाता नहीं था या फिर विशेष व्यवस्था करनी पड़ती थी. एसपी सिंह लिखते हैं, "हमने चुनाव के दौरान 10 दिन का अभियान चला कर उस पूर्व सांसद और उसके गुर्गों को जेल में डाला था और कैराना को अपराधियों से मुक्त कराया था."

कार्रवाई की जगह सियासत का अंदेशा

सूर्य प्रताप सिंह अपने फेसबुक पेज पर लिखते हैं,"आज तो और भी भयावह स्थिति होगी, क्योंकि गुंडों व अपराधियों को खुला राजनैतिक संरक्षण है. किसी को बुरा लगे तो माफ करना. यदि विश्वास नहीं है तो जाकर देख लो."

उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा, "परन्तु मुझे आशंका है कि इस मामले में ठोस कार्रवाई की जगह सियासत जरूर होगी और और चुनावी रंग में, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आग लगाने की कोशिश जरूर की जाएगी."

पूर्व आईएएस अधिकारी लिखते हैं, "उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार दंगा रोकती नहीं है. स्वयं करवाने में विश्वास अधिक रखती है. ऐसी मेरी आशंका है."

सूर्य प्रताप सिंह ने लिखा है, "एक बार कैराना से अपराधियों को पुनः फ्लश-आउट का प्रयास जरूर होना चाहिए. परन्तु वर्तमान सरकार से अपेक्षा करना बेकार है. चुनाव बाद की प्रतीक्षा करनी होगी."

इस बारे में जब सूर्य प्रताप सिंह से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि ये पोस्ट उन्होंने ही डाली है और ये उनकी ही प्रोफाइल है.

First published: 16 June 2016, 11:59 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी