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SC के पूर्व जज गांगुली बोले, 'जस्टिस शर्मा की मोर वाली बात गलत'

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 June 2017, 16:35 IST
AK Ganguly

राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व जज महेश चंद शर्मा के सेवानिवृत्ति वाले दिन मोर को ब्रह्मचारी बताने वाले बयान पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एकके गांगुली ने प्रतिक्रिया दी है.

जस्टिस गांगुली ने कहा, "मोर कतई ब्रह्मचारी नहीं होता. मैंने खुद मोर द्वारा मोरनी को आकर्षित करने के लिए निकाली जाने वाली आवाजों को सुना है."

वहीं, राजस्थान हाईकोर्ट के जज ने अपनी सेवानिवृत्ति वाले दिन राज्य सरकार को सलाह दी थी कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए.

जस्टिस शर्मा ने इस मामले में तर्क देते हुए कहा था कि मोर राष्ट्रीय पशु है क्योंकि वह ब्रह्मचारी है और मोरनी मोर के आंसू से गर्भधारण करती है.

इसी विषय पर पूर्व जज एके गांगुली ने कहा कि यह दावा कहीं से भी वैज्ञानिक पैमाने पर सही नहीं है. जस्टिस गांगुली ने कहा, "मैंने दिल्ली की तुगलग रोड में मोरों को एक-दूसरो आकर्षित करने वाली आवाजें निकालते सुना है. उस वक्त मैं सुप्रीम कोर्ट का जज था."

उन्होंने जस्टिस शर्मा की उस सलाह को भी खारिज कर दिया जिसमें गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की बात कही गई थी.

उन्होंने कहा, "ये उनकी अपनी कल्पना है. गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने से वह सुरक्षित नहीं हो जाएगी. यह गोहत्या रोकने का सही तरीका नहीं है. भावनाओं के आधार पर चलने की नहीं बल्कि एक व्यापक दृष्टिकोण की जरूरत है."

जस्टिस शर्मा ने यह भी कहा था कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए और अगर कोई गोहत्या करता है तो उसे आजीवन कारावास की सजा मिली चाहिए. महेश चन्द्र शर्मा बुधवार को सेवानिवृत्त हो गए थे.

First published: 1 June 2017, 16:35 IST
 
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