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पूर्व केंद्रीय मंत्री और RJD नेता रहे रघुवंश प्रसाद का निधन, दिल्ली AIIMS में ली आखिरी सांस

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 September 2020, 12:56 IST
(File Photo)

पूर्व केंद्रीय मंत्री और  आरजेडी नेता रहे रघुवंश प्रसाद सिंह (Raghuvansh Prasad Singh) का रविवार को दिल्ली स्थित एम्स (Delhi AIIMS) में निधन हो गया. वह फेफड़ों में संक्रमण से जूझ रहे थे. लेकिन हालत खराब होने के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था. तीन दिन पहले ही उन्होंने लालू प्रसाद यादव को पत्र लिखकर राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) से इस्‍तीफा दे दिया था. उनके निधन पर जेडीयू नेता केसी त्‍यागी ने शोक प्रकट करते हुए कहा कि यह राजनीति की सबसे बड़ी क्षति है. इससे पहले एम्स में दो दिन पहले उनकी हालत बिगड़ गई थी. संक्रमण बढ़ने के चलते उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी और फिर उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया.

उससे पहले उनकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी तब उन्हें पटना एम्स में भर्ती कराया गया था. उसके बाद वह ठीक हो गए थे. कुछ ठीक होने के बाद उन्हें पोस्ट कोविड मर्ज के इलाज के लिए दिल्ली एम्स ले जाया गया था. अभी तीन दिन पहले ही उन्होंने राजद की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया था.


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रघुवंश प्रसाद का जन्म वैशाली के शाहपुर में 06 जून 1947 को हुआ था. उन्होंने बिहार विश्वविद्यालय से गणित में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की थी. अपनी युवावस्था में उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में हुए आंदोलनों में भी भाग लिया. साल 1973 में उन्हें संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी का सचिव बनाया गया और साल 1977 से 1990 तक वे बिहार राज्यसभा के सदस्य रहे थे. 1977 से 1979 तक उन्होंने बिहार के ऊर्जा मंत्री का पदभार भी संभाला. इसके बाद उन्हें लोकदल का अध्यक्ष बनाया गया था. साल 1985 से 1990 के दौरान वे लोक लेखांकन समिति के भी अध्यक्ष रहे.

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साल 1990 में वह बिहार विधानसभा के सहायक स्पीकर भी रहे और उसके बाद साल 1996 में प्रसाद पहली बार लोकसभा के सदस्य बने. इसी साल उन्हें बिहार राज्य के लिए केंद्रीय पशुपालन और डेयरी उद्योग राज्यमंत्री बनाया गया था. साल 1998 में वह दूसरी बार और 1999 में तीसरी बार चुनाव जीतकर लोकसभा के सदस्य बने. इस कार्यकाल के दौरान वे गृह मामलों की समिति के सदस्य भी रहे.

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उसके बाद साल 2004 में वह चौथी बार चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे. इस दौरान 23 मई 2004 से 2009 तक वे ग्रामीण विकास के केंद्रीय मंत्री रहे और साल 2009 के लोकसभा चुनाव में लगातार पांचवी बार उन्होंने जीत दर्ज की. इसी साल 10 सितंबर को उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल से अपना इस्तीफा दे दिया.

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First published: 13 September 2020, 12:57 IST
 
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