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शशि थरूर को मिला हामिद अंसारी का समर्थन, बोले- सोच समझकर बोला होगा

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 July 2018, 16:03 IST

शशि थरूर के हिंदू-पाकिस्तान वाले बयान को पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का समर्थन मिला है. उन्होंने कहा कि शशि थरूर पढ़े-लिखे आदमी हैं, उन्होंने जो भी कहा सोच-समझ कर कहा होगा. पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज की सोसाइटी में सवाल पूछने पर पाबंदी है. उन्होंने कहा कि आजकल ऐसा है कि अगर आप सवाल पूछते हैं तो आपको इस प्रकार निशाने पर लिया जाता है जो वैश्विक स्तर पर नहीं होता है.

हामिद अंसारी ने शशि थरूर का समर्थन करते हुए कहा कि वह अपना फैसला सुनाने के लिए स्वतंत्र हैं. सवाल है कि इस प्रकार का माहौल क्यों बनाया जा रहा है? ये पिछले कुछ समय से ही होना शुरू हुआ है. पिछले आम चुनाव के बाद से कुछ ज्यादा होने लगा है, जो अब साफ दिख रहा है.

सोशल मीडिया ट्रोल पर अंसारी ने कहा कि ये अब हद से अधिक हो गया है, ये एक तरह से एंटी सोशल है. शरिया कोर्ट के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सोशल प्रैक्टिस को कानूनी सिस्टम से जोड़कर नहीं देखना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारा संविधान हमारे समाज को अपने नियमों को लागू करने की आज़ादी देता है. भारत में पर्सनल लॉ ही शादी, तलाक जैसी चीज़ों को देखता है. हर समाज को अपने पर्सनल लॉ के तहत इसे लागू करने का अधिकार है. 

बता दें कि शशि थरूर ने 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर कहा था कि अगर बीजेपी इस चुनाव को जीती तो देश 'हिन्दू पाकिस्तान' बन जाएगा. थरूर ने बीजेपी की जीत को संविधान के लिए खतरा बताया था. थरूर ने कहा था, "अगर बीजेपी लोकसभा चुनाव में दोबारा जीत दोहराती है, तो इससे भारत का संविधान खतरे में पड़ जाएगा, हमारा लोकतांत्रिक संविधान खत्म हो जाएगा, क्योंकि उनके पास भारतीय संविधान की धज्जियां उड़ाने और एक नया संविधान लिखने वाले सारे तत्व मौजूद हैं."

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आगे उन्होंने कहा था, "बीजेपी द्वारा लिखा नया संविधान हिंदू राष्ट्र के सिद्धांतों पर आधारित होगा, जो अल्पसंख्यकों के समानता के अधिकार को खत्म कर देगा और जो देश को हिंदू पाकिस्तान बना देगा. महात्मा गांधी, नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना आजाद और स्वाधीनता संग्राम के महान सेनानियों ने इसके लिए लड़ाई नहीं लड़ी थी."

First published: 12 July 2018, 16:01 IST
 
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