Home » इंडिया » Four new Supreme Court judges sworn in
 

11 साल में पहली बार 31 हुई सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या, ये हैं नई नियुक्तियां

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 May 2019, 13:53 IST

 

सुप्रीम कोर्ट के चार नए न्यायाधीशों को 24 मई को भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने पद की शपथ दिलाई. चार न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण के साथ सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 31 हो गई. जस्टिस बी. आर. गवई, सूर्यकांत, अनिरुद्ध बोस और ए.एस. बोपन्ना को सीजेआई ने कई अन्य शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों की मौजूदगी में पद की शपथ दिलाई गई.

शीर्ष अदालत अब तक सीजेआई सहित 27 न्यायाधीशों के साथ काम कर रही थी, लेकिन अब 2008 के बाद पहली बार न्यायाधीशों की पूर्ण हुई है. बुधवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों के रूप में जस्टिस गवई, कांत, बोस और बोपन्ना की नियुक्ति के वारंट जारी किए थे. जस्टिस बोस और बोपन्ना के नाम पहले केंद्र द्वारा वरिष्ठता और क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम को लौटा दिए गए थे.

 

आठ मई के अपने प्रस्ताव में पांच सदस्यीय कॉलेजियम ने जस्टिस बोस और बोपन्ना की फिर से सिफारिश दोहराई थी, जिसमें कहा गया था कि उनकी क्षमता, आचरण या ईमानदारी के बारे में कुछ भी प्रतिकूल नहीं पाया गया है. CJI की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने 8 मई को जस्टिस गवई और कांत के नामों की सिफारिश शीर्ष अदालत से की थी.

न्यायमूर्ति गवई जो बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे, 2025 में छह महीने के लिए सीजेआई बन जाएंगे और वह केजी बालाकृष्णन के बाद ऐसे दूसरे सीजेआई होंगे जो अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं. न्यायमूर्ति कांत, जो अब तक हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे, नवंबर 2025 में जस्टिस गवई के बाद CJI बनेंगे और फरवरी 2027 तक अपने पद पर बने रहेंगे.

जस्टिस बोस, जो अब तक झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे, उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की अखिल भारतीय वरिष्ठता में 12 वें स्थान पर हैं. जस्टिस बोपन्ना, जिनके मूल उच्च न्यायालय कर्नाटक हैं, अब तक गौहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे और अखिल भारतीय वरिष्ठता में 36 वें स्थान पर हैं.

First published: 24 May 2019, 13:53 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी