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JNU प्रशासन ने पकौड़ा तलने पर 4 छात्रों पर लगाया 80 हजार का जुर्माना, एक के साथ किया ऐसा

आदित्य साहू | Updated on: 11 February 2018, 13:26 IST

एक तरफ पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बेरोजगार होने से अच्छा पकौड़ा बेचने की बात कहते हैं. उनकी ही पार्टी की राज्यपाल पकौड़ा बेचने को कैरियर बनाने की बात करती हैं. दूसरी तरफ बेरोजगार छात्र पकौड़ा बनाकर बेचने की कोशिश करते हैं तो उन्हें या तो पुलिस पीटती है या उन पर जुर्माना लगा दिया जाता है. ऐसा ही कुछ हुआ है देश की सबसे प्रतिष्ठित मानी जाने वाली जवाहर लाल नेहरू युनिवर्सिटी में.

जेएनयू के चार छात्रों द्वारा पकौड़े बेचने पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए 20-20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है. साथ ही साथ एक छात्र को हॉस्टल से भी निकाल दिया गया है, वहीं तीन अन्य छात्रों की सजा के तौर पर हॉस्टल बदल दिया गया है.

 

गौरतलब है कि जेएनयू में छात्र संगठन एनएसयूआई के छात्रों ने 5 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी का विरोध जताते हुए परिसर में साबरमती बस स्टैंड के पास पकौड़ा तला था. एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने बीच सड़क पर पकौड़ा तला और पोस्टर लगाकर उसका विरोध किया. छात्रों का कहना था कि डिग्रीधारियों को 100 फीसदी सुरक्षित रोजगार मिलने की जरूरत है. देश में शिक्षा का बजट घटता जा रहा है, लेकिन सरकार के मुखिया पकौड़ा तलने की बात कर रहे हैं.

चीफ प्रोक्टर ने छात्रों की इस हरकत को अनुशासनहीनता करार दिया. प्रोक्टर की ओर से जारी आदेश में कहा गया, "प्रथम दृष्टि में यह पाया गया कि आप लोगों ने साबरमती बस स्टैंड के पास सड़क को ब्लॉक किया और प्रशासनिक भवन के पास स्थित टी-प्वाइंट पर भी आप लोगों की वजह से जाम लगा था, जिसके कारण छात्रों और बाकी सारे स्टाफ को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा."

 

प्रोक्टर ने कहा, "आपके पकौड़े तलने से हॉस्टल का सामान लेकर जाने वाले वाहनों को भी काफी दिक्कत हुई. इसके अलावा चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर (सीएसओ) ने आपको कई बार प्रदर्शन के स्थान पर पकौड़ा तलने से मना किया था, लेकिन आप लोगों ने उनकी बात नहीं मानी. वहीं आप लोगों ने प्रदर्शन के स्थान पर रात को फिल्म भी दिखाई और इलेक्ट्रिक केबल भी अपने साथ लेकर गए. यह सारी हरकतें अनुशासनहीनता के तहत आती हैं.’

रिपोर्ट्स के अनुसार जेएनयू प्रोक्टर की तरफ से यह लेटर 8 फरवरी को जारी किया गया था, हालांकि उसके बाद भी 10 फरवरी को यूनिवर्सिटी में कई जगह पर प्रदर्शन हुआ था.

 

इसके खिलाफ जेएनयू के तीन छात्र अलिमुद्दीन, मुकेश कुमार और मनीष मीना को नोटिस जारी करते हुए कहा गया, "प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए वाइस चांसलर ने आप सभी के ऊपर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए तत्काल प्रभाव से आपको हॉस्टल बदलने का आदेश दिया है." इसके अलावा चौथे छात्र विकास यादव के लिए जारी नोटिस में जुर्माने की बात तो कही ही गई है, लेकिन साथ ही साथ लिखा है, "आपको तत्काल प्रभाव से अगले दो सेमेस्टर तक के लिए हॉस्टल छोड़ना होगा."

दरअसल, पीएम मोदी ने एक टीवी चैनल जी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में पकौड़े बेचने को रोजगार बताया था. उनके इस बयान के बाद विपक्षी पार्टियों ने प्रधानमंत्री मोदी का विरोध किया था. सोशल मीडिया पर भी छात्रों और युवाओं ने पीएम मोदी का विरोध किया था.

First published: 11 February 2018, 13:21 IST
 
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