Home » इंडिया » French government denies ordering Rafale at 50% of India's rate
 

रिपोर्ट में दावा- भारत से आधी कीमत पर दिए गए 28 राफेल के आर्डर, फ्रांस ने किया इंकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 January 2019, 11:08 IST

36 राफेल लड़ाकू विमानों के लिए 7.8 बिलियन यूरो (59,000 करोड़ रुपये) के सौदे पर मंगलवार को एक और विवाद शुरू हो गया. सोमवार को नेशनल हेराल्ड की खबर में दावा किया गया था कि भारत की तुलना में आधी लागत पर 28 जेट विमानों का वहां की सेना ने ऑर्डर दिया है. हालांकि फ्रांसीसी सरकार ने तुरंत इन रिपोर्टों का खंडन किया, जो आंकड़ा बताया जा रहा है वह वास्तव में राफेल के नए F4 वैरिएंट के विकास के लिए है. जबकि फ्रांस की तरफ से किसी नए एयरक्राफ्ट अधिग्रहण के आदेश जारी नहीं किए गए हैं.'

फ्रांसीसी राजदूत अलेक्जेंड्रे ज़िगलर ने ट्वीट कर कहा कि  "फ्रांस ने कल किसी भी नए विमान अधिग्रहण आदेश की घोषणा नहीं की, राफेल के लिए पूरी तरह से नए F4 मानक को वित्त प्रदान करने के लिए संदर्भित राशि का उल्लेख किया था. फ्रांसीसी वायु सेना को दिए जाने वाले शेष 28 विमान पिछले अधिग्रहण अनुबंधों का हिस्सा हैं," सितंबर 2016 में एनडीए सरकार द्वारा करार किए गए सौदे के तहत 2019-2022 की समयसीमा में 36 जेट्स दिए जाने थे.

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राफेल सौदे में पारदर्शिता नहीं बरती गई और रक्षा खरीद प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया गया. सौदे में प्रौद्योगिकी का कोई हस्तांतरण शामिल नहीं है, और इसका उद्देश्य अनिल अंबानी अंबानी की रिलायंस डिफेंस को डसॉल्ट एविएशन के "ऑफसेट पार्टनर" के रूप में लाभ पहुंचाना था.

First published: 16 January 2019, 11:08 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी