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सेना के जवान औरगंजेब की मौत पर खुलासा, लड़की के चक्कर में गंवानी पड़ी जान

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 July 2018, 10:41 IST

14 जून को जम्मू-कश्मीर से आतंकियों ने पुलवामा जिले से भारतीय सेना के एक जवान का अपहरण कर लिया था. अपने बटालियन से छुट्टी लेकर सेना का जवान औरंगजेब ईद के मौके पर अपने घर जा रहा था. इसी बीच आतंकियों ने अपनी गंदी साजिश को अंजाम देते हुए उसे अगवा कर लिया था और उसके हत्या कर दी थी. इस मामले में अब नया खुलासा हुआ है.

खुलासा हुआ है कि औरंगजेब ने कई मानक संचालन प्रक्रियाओं (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर्स) का उल्लंघन किया था, जिसकी वजह से वह आतंकियों के जाल में फंस गए थे. खबर के अनुसार उनकी हत्या का मुख्य कारण एक लड़की से दोस्ती करना था. अफसरों का कहना है कि अगर औरंगजेब ने सतर्कता बरती होती तो उसकी जान न गई होती.

सेना के अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह एक महिला के संपर्क में था और दोनों एक दूसरे के संपर्क में कुछ समय से थे. अफसर ने बताया कि आतंकवादी औरंगजेब को पकड़ना चाहते थे, इसके लिए उन्होंने उसकी दोस्त महिला पर दबाव डालकर जानकारी हासिल कर ली. महिला दोस्त से आतंकियों को पता चला कि औरंगजेब ईद पर अपने घर पुंछ जाने के लिए आर्मी कैंप छोड़ने के बाद लड़की से मिलने आएगा. बस फिर क्या था, आतंकी औरंगजेब के आने का इंतजार करने लगे.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, औरंगजेब और उनके साथी ने एक प्राइवेट कार हायर की थी और ड्राइवर से उन्हें शोपियां उतारने का आग्रह किया था. जैसे ही उनकी कार गंतव्य पर पहुंची, आतंकियों ने बंदूक के दम पर उन्हें कार से बाहर निकाल लिया. आतंकियों द्वारा पहले से ही कार को इंटरसेप्ट किया जा रहा था. औरंगजेब लड़की से मिल पाते इससे पहले ही आतंकियों ने उसे पकड़ लिया. आतंकियों ने उन्हें खींचकर कार से बाहर निकाला और गोलियों से छलनी कर दिया.

इस खुलासे के बाद सेना ने अब अपनी सभी यूनिट्स को एक एडवाइजरी जारी की है और किसी भी स्थानीय महिला से दोस्ती न करने की सलाह दी है. सेना के एक प्रवक्ता के अनुसार, हमारे जवानों के लिए एक शत्रुतापूर्ण आबादी के बीच में काम करना आसान नहीं है, लेकिन महिलाओं के साथ संपर्क पूरी तरह से अनुचित है. औरंगजेब ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर्स के एक और नियम को तोड़ा था.

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दरअसल, सेना के जवानों को किसी भी तरह के प्राइवेट कार में सफर करने की इजाजत नहीं है. उन्हें हमेशा बुलेट-प्रूफ कार में आना-जाना होता है. लेकिन चूंकि औरंगजेब को महिला से मिलने जाना था, इसलिए उन्होंने इस नियम का उल्लंघन किया, जिससे वो आतंकियों के जाल में फंस गए. अब सेना ने अपने जवानों को इस नियम को सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है.

बता दें कि औरंगजेब कोई मामूली सैनिक नहीं था. वह एक बड़े मिशन में शामिल रह चुका है. औरंगजेब खतरनाक आतंकी समीर टाइगर को मार गिराने वाली टीम में भी शामिल था. वह 44 राष्ट्रीय रायफल में शामिल था.

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गौरतलब है कि इसी साल अप्रैल महीने में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षाबलों और पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में दो आतंकियों को ढेर किया था. इसमें हिज्बुल मुजाहिदीन का टॉप कमांडर समीर टाइगर भी शामिल था. समीर टाइगर 2016 में हिज्बुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ था. वह पुलवामा का रहने वाला था और हिज्बुल के कई हमलों में शामिल हो चुका था. बुरहान वानी के बाद समीर को कश्मीर के पोस्टर ब्वॉय के रूप में पेश किया गया था. समीर ने आतंकी वसीम के जनाजे में शामिल होकर फायरिंग भी की थी.

First published: 5 July 2018, 10:41 IST
 
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