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'घंटों पार्टियों में खड़े हो सकते हैं फिर राष्ट्रगान के लिए 52 सेकेंड तक क्यों नहीं?'

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 October 2017, 13:15 IST

राष्ट्रगान को लेकर देश में चल रही बहस के बीच FTII के नए चेयरमैन और बॉलीवुड एक्टर अनुपम खेर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दे डालीे है. इसके पहले सनी लियोन से लेकर मधुर भंडारकर समेत कर्इ बॅालीवुड के मशहूर सितारों ने अपने विचार रखे थे. 

अनुपम खेर ने कहा है कि लोग न जाने क्यों राष्ट्रगान को लेकर विवाद खड़ा कर रहे हैं. खेर ने कहा कि वैसे तो लोग फिल्म देखने के लिए सिनेमाघरों की लाइन में खड़े रहेंगे, लेकिन 52 सेकेंड के राष्ट्रगान के लिए लोगों को खड़े होने में न जाने क्या तकलीफ होती है.

अनुपम खेर ने आगे कहा कि अगर लोग रेस्तरां में घंटो इंतजार कर सकते हैं, सिनेमाघरों में टिकट के लिए लंबी लाइन में खड़े हो सकते हैं, पार्टी में घंटों खड़े हो सकते हैं, तो फिर वे सिनेमाघरों में राष्ट्रगान के लिए महज 52 सेकंड तक खड़े क्यों नहीं हो सकते. अनुपम खेर ने ये बातें पुणे में आयोजित एक अवॉर्ड फंक्शन के दौरान कही. पुणे में अनुपम खेर दिवंगत बीजेपी नेता प्रमोद महाजन मेमोरियल अवॉर्ड लेने के लिए पहुंचे थे. उनको ये अवॉर्ड केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने उन्हें यह पुरस्कार दिया.

अनुपम खेर ने इस इवेंट में अपने भाषण के दौरान थियेटर्स के अंदर राष्ट्रगान बजाने को अनिवार्य करने की बात कही और ऐसे लोगों का कड़ा विरोध किया, जो इसको लेकर विवाद खड़ा कर रहे हैं. उन्होंने कहा, कुछ लोगों का मानना है कि राष्ट्रगान के समय खड़े होना जरूरी नहीं होना चाहिए, लेकिन मेरे लिए राष्ट्रगान के वक्त खड़े होना उस व्यक्ति की परवरिश को दिखाता है. खेर ने बताया, हम जिस तरह से अपने पिता या शिक्षक के सम्मान में खड़े होते हैं, ठीक उसी तरह राष्ट्रगान के लिए खड़ा होना अपने देश के प्रति सम्मान को दर्शाता है.

आपको बता दें कि हाल ही सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में बदलाव किया था, जिसमें उसने थियेटर में राष्ट्रगान के दौरान खड़ा होना अनिवार्य किया था. सुप्रीम कोर्ट की ताजा प्रतिक्रिया में कहा गया है कि थियेटर में राष्ट्रगान बजेगा, लेकिन इसके सम्मान में खड़ा होना अनिवार्य नहीं है.

First published: 30 October 2017, 11:56 IST
 
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