Home » इंडिया » Finally Gajendra chauhan Visit FTII
 

एफटीआईआई के यक्ष प्रश्न और धर्मराज

आशीष कुमार पाण्डेय | Updated on: 7 January 2016, 15:55 IST
QUICK PILL
  • तमाम विवादों और उठापटक के बाद आज गजेंद्र चौहान पहली बार पुणे स्थित एफटीआईआई पहुंचे. उन्होंने अपना कार्यभार संभाला, हालांकि कुछ छात्र अभी भी\r\n उनका विरोध कर रहे हैं.
  • 2014 में फिल्मकार सईद मिर्जा का कार्यकाल खत्म होने के बाद सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने गजेंद्र \r\nचौहान को एफटीआईआई की गवर्निंग काउंसिल का अध्यक्ष बनाया. खबर है कि पुलिस ने कुछ छात्रों पर लाठीचार्ज भी \r\nकिया है.

भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) में अभिनेता गजेंद्र चौहान आज पहली बार अपना कार्यभार संभालने के लिए पहुंचे. खबर है कि उनका विरोध कर रहे कुछ छात्रों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया है.

इसके बाद पुलिस ने लगभग 30 छात्र-छात्राओं को हिरासत में लिया है. छात्रों को शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में रखा गया है. अभिनेता गजेंद्र चौहान आज भारतीय फिल्म एवं टेलिविजन संस्थान (एफटीआईआई) पुणे में अपने चयन के बाद पहली बार गये हैं.

2014 में फिल्मकार सईद मिर्जा के अध्यक्ष पद का कार्यकाल खत्म होने के बाद सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने गजेंद्र चौहान को संस्थान के निदेशक पद पर नियुक्त किया था.

पिछले साल जून में संस्थान के छात्रों ने चौहान के चयन के विरोध में दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर अपना विरोध प्रदर्शन किया था.

एफटीआईआई में एक विभाग के अध्यक्ष नाम न उजागर करने की शर्त पर बताते हैं, 'सरकार एक तरफ तो सेंसर बोर्ड में सकारात्मक बदलाव के लिए श्याम बेनेगल की अध्यक्षता में कमेटी बनाती है, वहीं दूसरी तरफ गजेंद्र चौहान जैसे लोगों को ऐसे संस्थान के ऊपर थोप रही है, जहां से क्रिएटीविटी का जन्म होता है. संस्थान को फिल्म से जुड़े क्रिएटिव लोग चाहिए न कि कोई नौकरशाह या फिर किसी दल विशेष से ताल्लुक रखने वाला. संस्थान के शिक्षक भी परोक्ष रूप से छात्रों के इस विरोध के साथ हैं.'

एफटीआईआई के छात्रों ने चौहान के विरोध में दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर पिछले साल जून में विरोध प्रदर्शन किया था

चौहान के अध्यक्ष पद पर चयन के बाद से ही विवाद शुरू हो गया था. छात्रों ने बतौर अध्यक्ष चौहान के चयन को सरकार के द्वारा एक विशेष विचारधारा को संस्थान पर थोपे जाने के तौर पर देखा. इसके बाद से ही छात्र चौहान का विरोध कर रहे हैं.

एफटीआईआई के छात्र राकेश शुक्ला ने कहा कि 'हम सभी छात्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे. संस्थान के अध्यक्ष गजेंद्र चौहान पहली बार इतनी सुरक्षा के साथ आकर छात्रों को संदेश देना चाहते हैं. छात्र एफटीआईआई में इस तरह की तानाशाही नहीं चलने देंगे.' शुक्ला 2014 में एफटीआईआई से डायरेक्शन का कोर्स चुके हैं और वर्तमान में सिलेबस कमेटी के मेंबर हैं.

छात्रों के विराध प्रदर्शन को फिल्म जगत के अलावा राजनैतिक दलों का भी समर्थन प्राप्त हुआ. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने छात्रों से मिलने के बाद इस मामने को सदन में भी उठाया था. 139 दिनों तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद छात्रों ने अपनी हड़ताल तो वापस ले लिया, लेकिन छात्रों का विरोध वैसा ही बना रहा.

गजेंद्र चौहान के विरोध और छात्रों के समर्थन में फिल्मकार राजकुमार हिरानी, संतोष सिवान, जॉनू बरुआ और पल्लवी जोशी ने बतौर काउंसिल मेंबर अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. इनकी जगह पर सरकार ने बीपी सिंह और भावना सोमैय्या को कांउसिल मेंबर बनाया था.

अभिनेता गजेंद्र चौहान को बीआर चोपड़ा के धार्मिक सिरियल महाभारत से पहली बार पहचान मिली थी. इसमें वे धर्मराज युधिष्ठिर की भूमिका में थे. इसके अलावा गजेंद्र चौहान राष्ट्रीय स्वयंम सेवक संघ (आरएसएस) के सक्रिय कार्यकर्ता भी रहे हैं.

First published: 7 January 2016, 15:55 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी