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Ganesh Chaturthi 2020 : जानिए कब है गणेश चतुर्थी और क्या है पूजा का महत्व

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 August 2020, 11:52 IST

Ganesh Chaturthi 2020: गणेश चतुर्थी का त्योहार बस आने ही वाला है. इसकी तैयारियां भी की जा रही है. गणेश चतुर्थी भादो मास के शुक्लपक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है. इस बार 22 अगस्त शनिवार को गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी.

लोकमान्यता के अनुसार वैसे तो बप्पा को घर में 10 दिन रखने की परंपरा है, लेकिन लोग इन्हें अपनी इच्छानुसार घर में रखते हैं. कोई बप्पा को एक दिन के लिए लाता है तो कोई तीन दिन के लिए. क्योंकि हिंदू धर्म में कोई भी पूजा, हवन या मांगलिक कार्य भगवान गणेश की स्तुति के बिना अधूरा है. इसी के चलते गणेश चतुर्थी यानि कि भगवान गणेश के जन्मदिवस को पूरे देश में उत्तसाहपूर्वक मनाया जाता है. चलिए आपको बताते हैं इसे मनाने की असली वजह-


इस त्योहार की धूम महाराष्ट्र से लेकर बिहार तक देखने को मिलती है. इस हिंदू त्योहार का केवल धार्मिक महत्व नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता का प्रतीक माना जाता है. कहा जाता है कि आजादी से पहले लोक मान्य तिलक ने पूरे देश की जनता के बीच एकता को बढ़ाने के लिए इस पर्व को मनाने का फैसला किया था.

ये त्योहार छत्रपति शिवाजी महाराज के काल में भी यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता था.पुराणों और हिंदू धर्म शास्त्रों के मुताबिक भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को भगवान श्री गणेश का जन्म हुआ था. इस उपलक्ष्य में इस त्योहार को बड़ी धूम धाम के साथ मनाया जाता है.

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महाराष्ट्र और उसके पास के क्षेत्रों में गणेश चतुर्थी के बाद 10 दिन तक गणेशोत्सव मनाया जाता है. इस दिन तक घर में गणेश की पूजा की जाती है. बताया जाता है कि भगवान गणेश की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और संपन्नता आती हा. इस दिन कई लोग व्रत भी रखते हैं. कहा जाता है कि ऐसा करने से गणेश खुश होते हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं.

हिंदू धर्म के धार्मिक ग्रथों में गणपति के जन्म को लेकर अलग अलग पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं जिनमें से एक के मुताबिक माता पार्वती ने खुद के शरीर को हल्दी का लेप लगाया गया था. जब उन्होंने अपना लेप हटाया तो उन टुकड़ों से उन्होंने एक मूर्ति बनाई. इसके बाद उन्होंने उसमें प्राण डाल दिए. इस तरह से भगवान गणेश का जन्म हुआ. इसके बाद वो भगवान शिव और माता पार्वती के बेटे कहनाए जाने लगे.इसके अलावा भी उनके जन्म को लेकर कई कथाएं प्रचलित हैं.

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First published: 13 August 2020, 16:01 IST
 
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