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Ganesh Chaturthi 2020: गणेश चतुर्थी को ये व्रत कथा सुनने से दूर हो जाएंगे सारे संकट, ऐसे करें पूजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 August 2020, 11:41 IST

हिंदू धर्म के धार्मिक ग्रथों में गणपति के जन्म को लेकर अलग अलग पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं जिनमें से एक कथा कुछ इस प्रकार है...

एक बार महादेवजी स्नान करने के लिए भोगवती गए. उनके जाने के पश्चात पार्वती ने अपने तन के मैल से एक पुतला बनाया और उसका नाम 'गणेश' रखा. पार्वती ने उससे कहा- हे पुत्र! तुम एक मुगदल लेकर द्वार पर बैठ जाओ. मैं भीतर जाकर स्नान कर रही हूं. जब तक मैं स्नान न कर लूं. तब तक तुम किसी भी पुरुष को भीतर मत आने देना.

भोगावती में स्नान करने के बाद शिवजी आए तब गणेश जी ने उन्हें द्वार पर रोक लिया. शिव जी को ये अपमान लगा और उन्होंने गुस्से में आकर उनका सिर धड़ से अलग कर दिया और वो अंदर चले गए. पार्वती ने शिव जी को गुस्से में देखकर सोचा कि वो भोजन में विलंब होने के कारण महादेव नाराज हैं. इसलिए उन्होंने तत्काल दो थालियों में भोजन परोसकर शिवजी को बुलाया.

दूसरा थाल देखकर शिव जी ने पार्वती माता से पूछा कि ये दूसरा थाल किसका है. तब पार्वती माता ने कहा कि ये थाल गणेश का है जो बाहर पहरा दे रहे हैं. ये सुनकर भगवान शिव आश्चर्यचकित हुए. तुम्हारा पुत्र पहरा दे रहा है? हां नाथ! क्या आपने उसे देखा नहीं? देखा तो था, किन्तु मैंने तो अपने रोके जाने पर उसे कोई शैतान बालक समझकर उसका सिर काट दिया.

यह सुनकर माता पार्वती दुखी हुईं. वो विलाप करने लगीं. तब पार्वती माता दुखी हुईं. वो विलाप करने लगीं. तब माता पार्वती को खुश करने के लिए भगवान शिव ने एक हाथी के बच्चे का सिर काटकर बालक के धड़ से जोड़ दिया. पार्वती जी इस प्रकार पुत्र गणेश जी को पाकर खुश हुईं. उन्होंने पति और पुत्र को प्रीतिपूर्वक भोजन कराकर बाद में स्वयं भोजन किया.

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ये है पूजा विधि-
दस दिनों तक चलने वाले इस उत्सव के लिए गणेश जी की प्रतिमा को घरों, मंदिर और पन्डालों में साज-श्रंगार के साथ शुद्ध चतुर्थी वाले दिन स्थापित किया जाता है. इसके बाद पुजारी मूर्ति में वैदिक मन्तोच्चारण के साथ प्राण फूंकता है जिसे कि प्राणप्रतिष्ठा कहा जाता है. दस दिन तक अर्थात अनंत-चतुर्दशी तक गणेश प्रतिमा का नित्य विधिपूर्वक पूजन किया जाता है, ग्वारहवें दिन इस प्रतिमा को किसी स्वच्छ जलाशय जैसे कि नदी अथवा सागर आदि में प्रवाहित कर दिया जाता है.

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First published: 17 August 2020, 9:02 IST
 
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