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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में कुकृत्य, छात्र के साथ कैंपस में गैंगरेप

आवेश तिवारी | Updated on: 22 August 2016, 14:43 IST

19 वर्षीय अनिमेष तिवारी (बदला हुआ नाम) की मां फोन पर चीखते हुए कहती हैं, 'मेरे बेटे को कोई तो समझाओ, वो आत्महत्या कर लेगा.' अनिमेष का भाई कहता है, 'हमें क्या मालुम था जिसे हम देश का सबसे अच्छा विश्वविद्यालय समझते हैं वहां ऐसा होगा ?'

विश्वविद्यालय के कुलपति बार-बार फोन करने पर भी जवाब नहीं देते. पुलिस कहती है कि हम कारवाई कर रहे हैं लेकिन कारवाई कहीं नजर नहीं आती और खुद अनिमेष लगातार शून्य की ओर देखता रहता है. 

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में एमए प्रथम वर्ष (हिंदी ) के छात्र अनिमेष के साथ अब से 10 दिन पहले बीएचयू कैंपस के भीतर ही अगवा कर कथित तौर पर गैंगरेप किया गया. जिस वक्त यह खबर लिखी जा रही थी वाराणसी पुलिस अनिमेष का मेडिकल कराने के लिए उसे स्थानीय लंका थाने पर बैठाए हुए थी, जबकि घटना के तत्काल बाद उसका मेडिकल एक बार पहले भी कराया जा चुका है और उसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई है. अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है.

बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर सत्येन्द्र कुमार सिंह कहते हैं कि घटना हमारे संज्ञान में है अगर पुलिस विलम्ब करे तो हम क्या करें. जब उनसे यह पूछा जाता है कि आरोपियों के खिलाफ कारवाई क्यूं नहीं की गई? तो वो कहते हैं, 'कुलपति बाहर गए हैं, उनके आने के बाद जांच समिति बनाई जायेगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर हम कारवाई करेंगे.'

क्या है पूरी घटना

बताया जा रहा है कि अनिमेष की भाभी कुछ दिनों पहले बीएचयू के सरसुन्दर लाल अस्पताल में भर्ती थी. उनकी रिपोर्ट लेने के लिए अनिमेष अस्पताल के माइक्रो बायोलाजी विभाग में गया हुआ था, जहां विभाग के लैब अटेंडेंट दीपक कुमार से उसकी मुलाक़ात हुई. दीपक ने कहा कि हम आपको शाम को बुलाकर रिपोर्ट दे देंगे. 

उसी दिन शाम को इंस्टीटयूट ऑफ मेडिकल साइंस के सामने जब अनिमेष पहुंचा तो दीपक उसे विभाग के बाहर ही मिल गया. वह अपनी कार में चार साथियों के साथ बीएचयू की विभागीय लोगो लगी कार में मौजूद था. इन लोगों ने अनिमेष को मना करने के बावजूद उसको जबरदस्ती शराब पिलाई और फिर उसका रेप किया. इस दौरान वो पूरे कैम्पस में गाड़ी घुमाते रहे. आश्चर्यजनक यह रहा कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड की पेट्रोलिंग गाड़ी और सुरक्षाकर्मियों की नजर उस गाड़ी पर नहीं पड़ी. कार में सवार लोगों ने कुछ समय बाद कृषि विभाग के मैदान में अनिमेष को छोड़ दिया. 

यूपी पुलिस की शर्मनाक भूमिका

घटना के तत्काल बाद अनिमेष ने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी और घटना की लिखित शिकायत दी. शिकायत दिए जाने के बाद पुलिस ने चार दिन बाद मुकदमा दर्ज किया. घटना के बाद जब अनिमेष पर पुलिस और बीएचयू प्रशासन का दबाव पड़ने लगा तो उसकी स्थिति और भी खराब हो गई.  

जानकारी मिली है कि पुलिस ने रविवार को उसके परिजनों को भी बलिया से बनारस बुलवा लिया. अनिमेष के पोस्टमास्टर पिता और उसके परिजन फिलहाल शहर में भटक रहे हैं, अनिमेष का साथ देने वालों के नाम पर उनके कुछ छात्र मित्र ही है. बीएचयू के छात्रनेता मृत्युंजय कहते हैं कि अनिमेष पर लगातार मामले को वापस लेने का दबाव बनाया जा  रहा है. वो कहते हैं कि यह घटना साबित करती है कि कैम्पस में छात्र भी सुरक्षित नहीं है. 

अब क्या करेंगे कुलपति

अब से कुछ दिनों पहले जब बीएचयू कुलपति डॉ गिरीश चन्द्र त्रिपाठी ने छात्रों की साइबर लाइब्रेरी को रात में बंद करने का आदेश दिया तो उनके पास ऐसा करने के पीछे कोई सीधा तर्क नहीं था. लिहाजा उन्होंंने एक कहानी बताई कि छात्र रात में पोर्नोग्राफी देखते हैं. पत्रिका के पास मौजूद उस साक्षात्कार में कुलपति ने छात्र-छात्राओं को नैतिकता और अनुशासन सिखाने के लिए हर संभव कदम उठाने का दावा भी किया लेकिन छात्रों से इतर कर्मचारियों-अधिकारियों में किसी भी किस्म का अनुशासन लागू करने में असफल रहे. कैम्पस में 13 अगस्त को जो हुआ उससे न सिर्फ बीएचयू में दहशत का माहौल है, बल्कि कैम्पस के बाहर भी इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल काफी गरम है.

First published: 22 August 2016, 14:43 IST
 
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