Home » इंडिया » Cow vigilantes: Supreme Court notice to Centre and 6 states
 

गोरक्षकों की गुंडागर्दी पर सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार और 6 राज्यों से मांगा जवाब

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 October 2016, 14:15 IST
(कैच)

देश में गोरक्षा के नाम पर अलग-अलग इलाको में हो रही गुंडागर्दी पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. सर्वोच्च अदालत ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और छह राज्यों की सरकारों को नोटिस जारी किया है.

शुक्रवार को जस्टिस दीपक मिश्रा और अमिताभ राय की डबल बेंच ने पीआईएल पर सुनवाई करते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और छह राज्य सरकारों से सात नवंबर तक जवाब तलब किया है. विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद मुस्लिम और दलितों पर गोरक्षा की आड़ में हमले के मामले बढ़े हैं. 

6 में 4 राज्यों में भाजपा सरकार

खास बात यह है कि जिन छह राज्यों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें से चार राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है. 

सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका को सुनवाई के लिए मंजूर करते हुए केंद्र सरकार के अलावा गुजरात, राजस्थान, झारखंड, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक सरकार को सात नवंबर तक अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं. 

दलितों-मुसलमानों पर अत्याचार का आरोप

गौरतलब है कि गुजरात के उना में मरे जानवर का चमड़ा निकालने पर दलित समाज के युवकों की बर्बर पिटाई का वीडियो सामने आया था. इसके बाद गुजरात में दलित समाज ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था.

इस मामले में याचिकाकर्ता शहजाद पूनावाला का कहना है, "याचिका में हमने अदालत से गोरक्षा के नाम पर दलितों और मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार को रोकने की मांग की है."

आरोपी संगठनों पर बैन की मांग

पूनावाला का कहना है, "हमने अदालत से गोरक्षा के नाम पर हिंसा करने वाले संगठनों को प्रतिबंधित करने और इनके द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो का संज्ञान लेकर जांच कराने की मांग भी की है."

याचिकाकर्ता ने मांग की है कि इन संगठनों पर ठीक उसी तरह पाबंदी लगनी चाहिए जिस तरह कट्टरपंथी संगठन सिमी पर लगी है. अब इस याचिका पर अगली सुनवाई सात नवंबर को होगी.

मोदी ने गोरखधंधा करने वाला कहा था

गोरक्षा के नाम पर हो रहे हमलों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कुछ लोग दिन में गोरक्षक का चोला ओढ़ लेते हैं, जबकि रात में वे गोरखधंधा करते हैं. पीएम ने टाउन हॉल कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकारों से ऐसे लोगों का डोजियर तैयार करने की भी अपील की थी. 

इस साल विजयादशमी पर अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा था कि ज्यादातर गोरक्षक कानून के दायरे में काम करते हैं, लेकिन उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि गोरक्षा का काम करते हुए कानून व्यवस्था की समस्या न खड़ी होने पाए.

First published: 22 October 2016, 14:15 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी