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उद्योगपति गौतम अडानी की सफाई, मोदी को मुफ्त में नहीं दी विमान सेवा

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 July 2016, 14:27 IST
(फाइल फोटो)

पीएम नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाने वाले उद्योगपति गौतम अडानी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है. गौतम अडानी ने कांग्रेस के आरोपों पर सफाई दी है.

अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स को दिए इंटरव्यू में अडानी ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश पर हमला बोला है. अडानी ने कहा कि ने उनके बारे में जो बातें रमेश ने कही हैं, उनमें तथ्यात्मक गलतियां हैं.

जयराम रमेश पर निशाना

साथ ही अडानी ने जयराम रमेश पर निशाना साधते हुए कहा कि वे राजनीतिक सुविधा के आधार पर दलील देते हैं.

अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में अडानी ने कहा कि नरेंद्र मोदी को उन्होंने कभी भी मुफ्त में विमान की सेवा नहीं दी. कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी के अडानी के विमान का इस्तेमाल किया.

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कांग्रेस के इस पर अडानी ने सफाई देते हुए कहा, "उनके कॉरपोरेट ग्रुप के पास चार विमान हैं और कोई भी उनका मुफ्त में उपयोग नहीं करता."

जीएमआर के कमर्शियल इस्तेमाल का आरोप

अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक अडानी ने इंटरव्यू के दौरान सवालिया लहजे में कहा, "क्या कांग्रेस भी कमर्शियल बेसिस पर जीएमआर के विमान का इस्तेमाल नहीं करती है? केवल मोदी के बारे में बात क्यों हो रही है? वह मुफ्त में अडानी के विमान का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं."

देश के प्रमुख कारोबारियों में शुमार गौतम अडानी ने कहा, "मुझे अब लग रहा है कि कांग्रेस गलती से नहीं, बल्कि जान-बूझकर मेरे बारे में आरोप लगा रही है." 

200 करोड़ की माफी पर सफाई

जयराम रमेश के आरोपों का जवाब देते हुए गौतम अडानी ने अंग्रेजी अखबार से कहा, "पर्यावरण मंत्री के रूप में रमेश ने छत्तीसगढ़ में माइनिंग प्रोजेक्ट को क्लियरेंस दी थी. यूपीए शासन में पर्यावरण मंत्री के रूप में पद छोड़ने से पहले यह उनका आखिरी एग्जीक्यूटिव ऑर्डर था.

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रमेश बुनियादी रूप से गलत बात कर रहे हैं, क्योंकि वह माइन अडानी ग्रुप की नहीं, बल्कि राजस्थान सरकार की है और उनका ग्रुप महज माइनिंग कॉन्ट्रैक्टर था."

अडानी ने इस दौरान कहा, "माइन राजस्थान सरकार की है. यह सब तब हुआ, जब राजस्थान में कांग्रेस सरकार थी. इस माइन के लिए मंजूरी खुद जयराम रमेश ने दी थी.

पीएम नरेंद्र मोदी और इंडस्ट्री के बीच साठगांठ साबित करने की कांग्रेस की कोशिश पहले भी विफल हो चुकी है और इंडिया इंक के ज्यादातर लोग अभी पक्षपात न करने की मोदी की शैली से तालमेल बैठाने में लगे हैं."

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि गुजरात में अडानी ग्रुप का एक प्रोजेक्ट पर्यावरण नियमों का कथित उल्लंघन करते हुए स्थापित किया गया. इस दौरान 200 करोड़ रुपये का जुर्माना नहीं चुकाया गया और छत्तीसगढ़ में एक माइनिंग प्रोजेक्ट में ग्रुप का खास ख्याल रखा गया. 

'अडानी का पक्ष लेने का झूठा आरोप'

इस आरोप पर अडानी ने इंटरव्यू के दौरान सफाई देते हुए कहा, "यूपीए सरकार की ओर से बनाई गई कमिटी ने जिस जुर्माने की सिफारिश की थी, उसका कोई कानूनी आधार नहीं है."

अडानी ने कहा, "न तो पिछली और न ही मौजूदा सरकार जुर्माने के आदेश को असल में लागू कर सकती है. अगर पिछली सरकार इतनी ही तैयार थी और आरोप अगर सही थे, तो उन्होंने नौ महीनों से ज्यादा तक इंतजार क्यों किया?

एनडीए सरकार ने मामले की जांच में साल भर लगाया. उन्होंने जल्दबाजी नहीं की. ये लोग अडानी का पक्ष नहीं ले रहे हैं."

First published: 11 July 2016, 14:27 IST
 
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