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जनरल बिपिन रावत: 'Dirty War' में अपने जवानों से मरने के लिए नहीं कह सकता

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 May 2017, 9:42 IST
जनरल बिपिन रावत

थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने एक बार फिर कश्मीर घाटी में पत्थरबाजों से निबटने के लिए सेना की जीप पर कश्मीरी युवक को बांधे जाने की घटना का बचाव किया है.

जनरल रावत ने कहा, "कश्मीर में 'डर्टी वॉर' से निबटने के लिए सैनिकों को नये-नये तरीके अख्तियार करने पड़ते हैं. वैसे भी जब प्रदर्शनकारी हम पर पथराव कर रहे हों और पेट्रोल बम फेंक रहे हों, तो मैं अपने लोगों से देखते रहने और मरने के लिए नहीं कह सकता. मुझे वहां सैनिकों का मनोबल बनाए रखना है."

जनरल रावत ने आगे कहा कि वह मेरा काम है, क्योंकि मैं लड़ाई के मैदान से बहुत दूर हूं. मैं केवल जवानों से यह कह सकता हूं कि मैं आपके साथ हूं. घाटी में जारी हिंसा, प्रदर्शन और पथराव की घटनाओं पर सेना प्रमुख ने कहा, "यह छद्म युद्ध है. इसे घृणित तरीके से अंजाम दिया जाता है. संघर्ष के नियम तब लागू होते हैं, जब विरोधी पक्ष आपसे आमने-सामने लड़ता है."

उन्होंने कहा कि मैं खुश होता, यदि प्रदर्शनकारी पत्थर फेंकने के बजाय हथियारों से फायर कर रहे होते. तब मैं वह करता जो मैं करना चाहता हूं.

जनरल रावत ने कहा, "किसी भी देश में लोगों में सेना का भय खत्म होने पर देश का विनाश हो जाता है. पत्थरबाजी की वजह से सेना को अपना काम करने में काफी परेशानी हो रही है."

जनरल रावत ने कश्मीर मुद्दे के स्थायी हल के लिए सभी को साथ लेकर ठोस पहल करने का सुझाव दिया. रावत ने कहा कि मेजर गोगोई को सम्मानित करने का मुख्य उद्देश्य बल के युवा अफसरों का मनोबल बढ़ाना था. गोगोई के खिलाफ इस मामले में कोर्ट आॅफ इंक्वायरी जारी है.

गौरतलब है कि पिछले महीने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें मेजर गोगोई एक युवक को जीप से बांधकर ले जाते नजर आए थे. मेजर लीतुल गोगोई को पिछले दिनों सम्मानित किया गया था. मेजर गोगोई का कहना था कि उन्होंने पत्थरबाजी के दौरान कई लोगों की जान बचाने के लिए ये कदम उठाया था.

First published: 29 May 2017, 9:38 IST
 
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