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आर्मी चीफ ने कश्मीरी युवाओं से कहा- नहीं मिलेगी आजादी, सेना के साथ नहीं लड़ सकते

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 May 2018, 12:16 IST

कश्मीरी युवाओं को लेकर जनरल बिपिन रावत ने बड़ा बयान दिया है. बिपिन रावत ने कहा, ''आज़ादी कभी नहीं मिलेगी और आप सेना से नहीं लड़ सकते.'' उन्होंने आगे कहा कि कश्मीरी युवाओं को समझना होगा कि आज़ादी सिर्फ एक मुहावरे जैसी है जो उन्हें कभी नहीं मिल सकती.  इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में जनरल रावत ने कहा कि हथियार उठाना और जो लोग उन्हें इस बात की सलाह देते हैं की ये रास्ता उन्हें आज़ादी दिला सकता है वो सिर्फ उन्हें गुमराह कर रहे हैं.

जनरल रावत ने आगे कहा,'' मैं कश्मीरी युवाओं से कहना चाहता हूं की आज़ादी मुमकिन नहीं है. ये कभी नहीं मिलेगी. व्यर्थ में गुमराह न हों. आप हथियार क्यों उठाते हैं? हम हमेशा उन लोगों से लड़ेंगे जो आज़ादी चाहते हैं, जो अलग होना चाहते हैं. आज़ादी कभी नहीं मिलने वाली, कभी भी नहीं.''

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जनरल रावत ने कहा कि सेना ने कितने आतंकियों को मार गिराया इस संख्या को वो ज्यादा महत्त्व नहीं देते क्योंकि वो जानते हैं कि ये क्रम चलता रहेगा. आतंकवादी रोज नए लोगों को अपने खेमे में भर्ती कर रहे हैं. आगे जनरल ने सेना की ताकत को बताते हुए कहा, '' मैं केवल यह कहना चाहता हूं कि यह सब व्यर्थ है, वो कुछ भी हासिल नहीं कर पाएंगे. आप सेना से लड़ाई नहीं कर सकते.''

 

 

जनरल रावत ने कहा कि वो भी लोगों को मारे जाने से व्याकुल है. उन्होंने कहा, '' हम किसी को मारना एन्जॉय नहीं करते लेकिन अगर आप हमसे लड़ना चाहते हैं तो हम उसका जवाब पूरी ताक़त से देंगे. कश्मीरियों को ये समझना होगा कि सिक्योरिटी फोर्सेस कभी इतनी क्रूर नहीं थीं. इस मामले में सीरिया और पाकिस्तान को देखना चाहिए. इन परिस्थितियों में वो टैंक तक का इस्तेमाल करते हैं. हमारी सेना इतनी विपरीत परिस्थितियों में भी यही कोशिश करती हैं कि किसी भी सिविलयन को नुकसान न हो.''

मैं जनता हूँ कि कश्मीरी युवा गुस्से में हैं लेकिन सिक्योरिटी फोर्सेज पर हमला करना पत्थर फेंकना कोई हल नहीं है. बुरहान वानी के मामले में पूछने पर जनरल ने जवाब दिया कि ये कश्मीर का पहला एनकाउंटर नहीं था. मेैं समझ नहीं पाता हूं कि इतना गुस्सा कहां से आता है. युवाओं ने खुद को पाकिस्तान के जाल में फंसा लिया है. उन्हें लगातार हम पर हमला करने के लिए उकसाया जा रहा है.

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जनरल ने कहा कि हम सैन्य ऑपरेशन को बंद कर देंगे ताकी सिविलियन्स को नुकसान न हो. पर इस बात की गारंटी कौन लेगा कि वो हमारे जवानों पर हमला नहीं करेंगे ? हमारी गाड़ियों पर आग नहीं फेंकेंगे ? रावत ने कहा कि युवाओं को समझना चाहिए इस तरह के हालात राज्य को आर्थिक तौर पर भी नुकसान पहुंचा रहे हैं. पर्यटन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. वो लोग खाएंगे क्या अगर कमाएंगे नहीं?

 

First published: 10 May 2018, 9:31 IST
 
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