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पादरी बनने के लिए चर्च भेजे गए थे फर्नांडिस, 18 साल की उम्र में आए मुंबई

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 January 2019, 10:53 IST
(File Photo)

भारत के पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का आज सुबह दिल्ली में निधन हो गया. फर्नांडिस लम्बे समय से अल्ज़ाइमर बीमारी से ग्रसित थे. स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में देश के रक्षा मंत्री रहे फर्नांडिस राजनीति में एक 'अनथक विद्रोही' के नाम से जाने जाते थे. साल 1967 से लेकर 2004 तक के अपने राजनितिक सफर में उन्होंने 9 बार लोकसभा चुनावों में जीत हासिल की.

अपने कार्यकाल में उन्होंने रक्षा मंत्रालय के साथ-साथ कई अहम मंत्रालय जैसे कम्यूनिकेशन, इंडस्ट्री और रेलवे मंत्रालय का कार्यभार भी संभाला. फर्नांडिस ने देश में लागू हुए आपातकाल के विरोध के साथ कई बड़ी हड़तालों और विरोधों का नेतृत्व किया. 1974 की रेल हड़ताल ऐसी ही एक देशव्यापी हड़ताल थी.

 

किंग जॉर्ज के नाम पर रखा गया था नाम

फर्नांडिस का जन्म 3 जून 1930 को कर्नाटक में हुआ था. उन्हें 10 भाषाओं का ज्ञान था. वह हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, मराठी, कन्नड़, उर्दू, मलयाली, तुलु, कोंकणी और लैटिन भाषा के जानकार थे. कहा जाता यही कि उनका नाम किंग जॉर्ज फिफ्थ के नाम पर रखा गया था क्योंकि उनकी मां किंग जॉर्ज की बड़ी प्रशंसक थीं.

पादरी बनने के लिए भेजा गया चर्च

फर्नांडिस की शुरुआती पढ़ाई एक सरकारी स्कूल और चर्च स्कूल में हुई थी. उसके बाद उन्होंने St. Aloysius College से आगे की पढ़ाई पूरी की. उनको नजदीक से जानने वाले कुछ लोगों का मानना है कि उनके पिता उन्हें वकील बनाना चाहते थे लेकिन फर्नांडिस की वकील बनने में रूचि नहीं थी.

 

बाद में उन्हें पादरी बनने के लिए फर्नांडिस को एक क्रिश्चियन मिशनरी में शिक्षा लेने के लिए भेजा गया. लेकिन वहां उनका मोहभंग हो गया और उन्होंने 18 साल की उम्र में चर्च छोड़कर मुंबई जाने का फैसला किया. उसके बाद से ही उनके राजनीतिक और विरोधों के जीवन की शुरुआत हो गयी. उन्होंने सोशलिस्ट पार्टी और ट्रेड यूनियन आंदोलन के कार्यक्रमों में हिस्सा लेना शुरू कर दिया.

आपातकाल का फर्नांडिस ने पुरजोर विरोध किया और आपातकाल हटने के बाद से उन्होंने राजनीति में एंट्री की. साल 1977 का लोकसभा चुनाव फर्नांडिस ने जेल में रहते हुए ही लड़ा था. इतना ही नहीं मुजफ्फरपुर लोकसभा सीट से लड़े चुनाव में उन्होने रिकॉर्ड वोटों से जीत हासिल की थी. अटल बिहार वाजपेई सरकार में उन्होंने रक्षा मंत्री का पद संभाला.

First published: 29 January 2019, 10:53 IST
 
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