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3 लाख रुपये के लिए राखी का बंधन तोड़ा, फिर भी बच गया 13 महीने का मासूम

पत्रिका ब्यूरो | Updated on: 12 September 2016, 15:36 IST
(पत्रिका)

गाजियाबाद पुलिस ने एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है. पुलिस ने अपहरण की एक वारदात को सुलझाने का दावा किया है. 13 महीने के एक मासूम को अगवा करने की घटना में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है.

गाजियाबाद पुुलिस ने केस को 30 घंटे में सुलझाते हुए बच्चे को बरामद कर लिया है. तफ्तीश में एक हैरान कर देने वाला सच भी सामने आया है. पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बच्‍चा एक ऐसे दंपति को सौंपने के बाद बेच दिया था, जिनके कोई संतान नहीं थी.

लोनी ट्रॉनिका सिटी से पुलिस ने किडनैप हुए बच्चे को बरामद किया. पुलिस सूृत्रों के मुताबिक अपहरणकर्ताओं ने बच्चे को दिल्ली के लक्ष्मी नगर के डॉक्टर परिवार को तीन लाख रुपये में बेच दिया था. डॉक्टर परिवार को कोई संतान नहीं थी. पुलिस ने केस का खुलासा करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

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घर से मासूम को किया किडनैप

एसएसपी के निर्देशन में पुलि‍स टीम ने 13 महीने के बच्चे यश को लक्ष्मी नगर से सकुशल बरामद किया. पुुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुनील और राहुल ने इस बच्‍चे को घर से उठाया था. इसके बाद वे उसे पैदल लेकर ट्रॉनिका सिटी गए. वहां से उन्‍होंने एक आॅॅटो किया और गोल चक्कर दिल्ली गए.

पुलिस का कहना है कि गोल चक्कर के पास से सुनील ने चांदवीर को फोन किया, जिस पर चांदवीर अपनी पत्नी के साथ गाड़ी से आया और बच्चे को ले जाकर डाॅॅक्टर अनीता के सुपुर्द कर दिया. अनीता ने यश को पारस जैन (लक्ष्मीनगर, दिल्ली) को दे दिया. पारस जैन के कोई संतान नहीं है. 

पुलिस के मुताबिक बच्चे को बरामद करना बहुत मुश्किल था, क्योंकि आरोपी सुनील और राहुल को उनके परिजनों ने अपने घरों से निकाल रखा है. वे मोबाइल भी नहीं रखते हैं. वहीं, आरोपी सुनील यश की मां पूजा को अपनी बहन मानता था और उससे राखी बंधवाता था.

First published: 12 September 2016, 15:36 IST
 
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