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बनारस: संकट मोचन मंदिर में गुलाम अली के कार्यक्रम पर विवाद

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 April 2016, 15:16 IST

वाराणसी में संकट मोचन मंदिर के सालाना संगीत समारोह में पाकिस्तान के मशहूर गजल गायक गुलाम अली का कार्यक्रम तय हो गया है. इस दौरान गुलाम अली गजल के अलावा ठुमरी और चैता की भी प्रस्तुति देंगे.

संकट मोचन मंदिर प्रशासन ने 26 अप्रैल से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अभिनेता अमिताभ बच्‍चन, पाकिस्‍तानी उच्‍चायुक्‍त अब्‍दुल बासित समेत कई विशिष्ट लोगों को न्‍योता भेजा गया है. 

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आयोजकों से मिली जानकारी के मुताबिक समारोह में कुल 57 शास्त्रीय गायक भी हिस्सा लेंगे. छह दिवसीय समारोह में शामिल होने के लिए पीएम मोदी और अभिनेता अमिताभ बच्‍चन की ओर से अभी कोई आधिकारिक सहमति नहीं मिली है.

हिंदू युवा वाहिनी ने किया विरोध

वहीं कार्यक्रम में गुलाम अली की मौजूदगी को लेकर विवाद भी शुरू हो गया है. बीजेपी के गोरखपुर से सांसद योगी आदित्‍यनाथ के संगठन हिंदू युवा वाहिनी ने गुलाम अली को बुलाने का विरोध किया है. 

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हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा, "हमारे संगठन ने गायक गुलाम अली के कार्यक्रम के विरोध का फैसला किया है, क्‍योंकि वो पाकिस्‍तानी हैं. वही पाकिस्‍तान हमारे देश में घुसपैठिए और आतंकी भेजता है."

गुलाम अली ने दी मंजूरी


हिंदू युवा वाहिनी का कहना है कि आतंकियों ने उसी संकट मोचन मंदिर पर हमला किया था. जिसमें बहुत से लोग मारे गए थे. ऐसे में वहां गुलाम अली को कार्यक्रम पेश करने के लिए कैसे न्‍योता भेजा जा सकता है.

संकट मोचन मंदिर के महंत प्रोफेसर विशंभरनाथ मिश्र ने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्‍सप्रेस को बताया कि वो दो दिन पहले गुलाम अली से दिल्‍ली में मिले थे. इस दौरान उन्‍होंने गजल गायक से कार्यक्रम में आने की गुजारिश की थी.

गुलाम अली ने फोेन करके कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है.  

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वहीं महंत मिश्र ने हिंदू युवा वाहिनी की धमकी पर कहा कि उन्‍हें सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए बुलाया जा रहा है, इसलिए किसी भी संगठन को इसका विरोध नहीं करना चाहिए.

First published: 22 April 2016, 15:16 IST
 
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