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आजाद की सफाई, कहा नहीं की आरएसएस और आईएसआईएस की तुलना

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 March 2016, 16:12 IST
QUICK PILL
  • आरएसएस और आईएसआईएस की तुलना को लेकर दिए गए बयान पर हुए हंगामे के बाद कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने दोनों संगठनों की तुलना नहीं की थी. उन्होंने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से अलग रखकर पेश किया गया.
  • शनिवार को आजाद ने जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय एकता सम्मेलन में भाषण देते हुए आरएसएस और आतंकी संगठन आईएसआईएस का जिक्र किया था जिसके बाद बीजेपी ने कांग्रेस से माफी मांगे जाने की अपील की थी.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और आतंकी संगठन आईएसआईएस पर बयान को लेकर सफाई देते हुए कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद सोमवार को राज्यसभा में साफ किया कि उन्होंने दोनों की तुलना नहीं की थी. 

आजाद ने राज्यसभा में अपने बयान के पक्ष में सबूत भी पेश किया. उन्होंने कहा, 'यह मेरे भाषण की सीडी है. अगर इसमें कुछ भी गलत पाया जाता है तो आप विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव ला सकते हैं.' 

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इस मामले को सदन में उठाते हुए कांग्रेस से माफी की मांग की. आजाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता है. नकवी ने कहा कि आजाद का आरएसएस से आईएसआईएस की तुलना करना 'बेहद पुरानी पार्टी की नई धर्मनिरपेक्ष नीति है.'

आजाद ने शनिवार को मुस्लिम संगठन जमीयत उलमा-ए-हिंद की ओर से नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय एकता सम्मेलन में बयान दिया था जिसका बीजेपी और संघ ने जबरदस्त विरोध किया. 

आजाद ने सदन को बताया कि एकता सम्मेलन में दिए गए उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है. एकता सम्मेलन में उन्होंने कहा था कि आरएसएस और आईएसआईएस दोनों संगठन समुदायों को तोड़ने की कोशिश करते हैं.

आजाद ने कहा था, 'हिंदू और मुस्लिम की लड़ाई का मामला नहीं है. यह एक नजरिये की लड़ाई है. हम संकीर्ण कट्टरपंथी मानसिकता के खिलाफ हैं, चाहे वह हिंदू, सिक्ख हो या मुसलमान. हम उन ताकतों का विरोध करते हुए उन्हें खारिज करते हैं जो मुस्लिम देशों को बर्बाद करने में लगे हुए हैं. हम जैसे आईएसआईएस जैसी ताकतों का विरोध करते हैं वैसे ही हम आरएसएस जैसी ताकतों का विरोध करते हैं.'

संघ की प्रतिक्रिया

आजाद के इस बयान को आएसएस ने कांग्रेस का बौद्धिक दिवालियापन करार दिया था. रविवार को अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक के दौरान संघ ने कुछ बड़े बदलावों की घोषणा की है. अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा संघ की सबसे शक्तिशाली संस्था है जो बड़े फैसलों पर मुहर लगाती है. 

आरएसएस ने न केवल अपने स्वयंसेवकों के ड्रेस कोड में बदलाव पर मुहर लगाई है बल्कि हरियाणा में हुए जाट आंदोलन के मद्देनजर संघ ने समृद्ध तबके से आरक्षण की मांग छोड़ने की भी अपील की है. गुजरात में भी पटेल समुदाय आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन चला रहे हैं.

आरएसएस ने अनुसूचिज जाति और अनुसूचिज जनजातियों को मिलने वाले आरक्षण का समर्थन किया है. आएसएस ने कहा कि सामाजिक न्याय की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए सभा में जाति आधारित भेदभाव को खत्म करने के लिए प्रस्ताव भी पारित किया.

बीजेपी ने कहा, माफी मांगे आजाद

सोमवार को सदन में आजाद के बयान को लेकर जबरदस्त हंगामा हुआ. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस्लामिक आतंकी संगठन आईएसएस से आरएसएस की तुलना किए जाने को लेकर कांग्रेस से माफी की मांग की. 

आजाद की सफाई को लेकर सत्ता पक्ष संतुष्ट नजर नहीं आया. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता की टिप्पणी गलत है और उन्हें अपना आत्मावलोकन करना चाहिए. 

जेटली ने कहा, 'मुझे लगता है कि आपने (आजाद) अपने भाषण में आईएसआईएस को सम्मान दिया है जिससे आपको बचना चाहिए. हर कोई जानता है कि आईएसआईएस आतंकी संगठन है.'

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First published: 14 March 2016, 16:12 IST
 
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