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गिरिराज सिंह का बयान- 1947 में ही सभी मुसलमानों को भेज देना चाहिए था पाकिस्तान

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 February 2020, 19:47 IST

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह(Giriraj Singh) अपने विवादित बयानों की वजह से कुछ दिन पहले पार्टी अध्यक्ष से फटकार खा चुके हैं. इसके बाद भी एक बार फिर गिरिराज सिंह ने ऐसा बयान दिया है, जिस पर विवाद मच सकता है. गिरिराज सिंह ने कहा है कि आजादी के साथ ही साल 1947 में देश के सभी मुसलमानों को पाकिस्तान भेज देना चाहिए था.

गिरिराज सिंह ने बिहार के पूर्णिया में यह बयान दिया. उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने गलती की थी, जिसका खामियाजा आज भी भुगतना पड़ रहा है. देश के विभाजन के एक वाजिब कारणों में नागरिकता का बड़ा सवाल था. इसे लेकर देश के बंटवारे के समय चूक हुई. 

गिरिराज सिंह ने कहा कि साल 1947 में हमारे पूर्वजों से यह भूल हुई कि उसी वक्त मुसलमानों को पाकिस्तान भेज दिया जाता और वहां के हिंदुओं को यहां बुला लिया जाता, तो जो आज नौबत है वह आती ही नहीं. उन्होंने कहा कि साल 1947 के पहले हमारे पूर्वज आजादी की लड़ाई लड़ रहे थे, लेकिन तब मोहम्मद अली जिन्ना इस्लामिक स्टेट की योजना बना रहे थे.

इसके आगे गिरिराज सिंह ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम राष्ट्र के प्रति विचार करें. देश में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के नाम पर भारत विरोधी एजेंडा चल रहा है. जो जुबान पाकिस्तान बोलता है, वहीं इस समय कांग्रेस पार्टी और कम्युनिस्ट-राजद के लोग बोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि जो भी देश का नागरिक है, उसे सीसीए का भय क्यों?

गिरिराज सिंह ने AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी और वारिस पठान पर भी निशाना साधा. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ओवैसी का भाई कहता है कि 15 मिनट के लिए पुलिस हटा लो, 100 करोड़ हिंदुओं को बता देंगे. वहीं वारिस पठान कहता है कि 15 करोड़, 100 करोड़ हिंदुओं पर भारी पड़ेंगे. जबकि ओवैसी के मंच से पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगते हैं.

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First published: 21 February 2020, 19:47 IST
 
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