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हरियाणा: एक दशक बाद नौ सौ के ऊपर पहुंचा लड़कियों का अनुपात

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 January 2016, 19:18 IST

केंद्र सरकार की 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना का असर हरियाण में सकारात्मक रहा है. प्रदेश में लिंगानुपात के जारी आंकड़े बताते हैं कि दिसंबर 2015 में प्रति हजार लड़कों के पर लड़कियों की संख्या 903 हो चुकी है.

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस आंकड़े पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हमें उम्मीद है कि अगले छह महीनों में बढ़कर ये आंकड़े 950 तक हो जायेंगे.

इससे पूर्व हरियाणा में लड़कियों का गिरता लिंगानुपात राज्य और केंद्र सरकार के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया था. देश-विदेश में हरियाणा कन्या भ्रूण हत्या की राजधानी के रूप में बदनाम हो चुका था. इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 22 जनवरी को विशेष तौर पर हरियाणा के पानीपत से ही 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान की घोषणा की थी.

पिछले साल प्रधानमंत्री ने विशेष तौर पर हरियाणा के पानीपत से ही 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान की शुरुआत की थी

इस अभियान की शुरूआत देश के 100 जिलों में की गई, जिनमें हरियाणा के 12 जिले शामिल हैं. इन 12 जिलों में लिंगानुपात में काफी सुधार आया है.

लिंगानुपात के जारी इस आंकड़े में सिरसा जिले ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है. सिरसा में 1000 पर 999 लड़कियों की संख्या दर्ज की गई है. इसके अलावा 1000 लड़कों के पीछे पंचकूला में 961, करनाल में 959, फतेहाबाद में 952, गुडगांव में 946, सोनीपत में 942, जींद में 940, रेवाड़ी में 931, भिवानी में 912, महेंद्रगढ में 912, हिसार में 906 लडकियों की संख्या दर्ज की गई है.

हरियाणा सरकार ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के लिए एक अलग सचिवालय की स्थापना की है ताकि लड़कियों के लिंगानुपात के साथ-साथ उनकी शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा सके.

First published: 17 January 2016, 19:18 IST
 
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