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दिल्ली, पंजाब के बाद गोवा है आप का अगला निशाना

निहार गोखले | Updated on: 18 April 2016, 14:30 IST

भ्रष्टाचार को मिटाने का वादा कर सत्ता में आई गोवा की बीजेपी सरकार के खिलाफ लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि पार्टी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने में कोताही बरती है.

बीजेपी की सरकार खनन उद्योग में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने का वादा कर सत्ता में आई थी. लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक सरकार सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध के बावजूद पुराने अयस्कों का खनन और उन्हें राज्य से बाहर भेजने का काम अनवरत जारी है.

इसी को मुद्दा बनाकर आम आदमी पार्टी गोवा के आगामी विधानसभा चुनाव में ताल ठोंकने जा रही है. आम आदमी पार्टी की योजना 2017 में गोेवा की सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ने की है.

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आम आदमी पार्टी ने मार्च 2017 में  गोवा विधानसभा का चुनाव लड़ने का फैसला किया है. दिल्ली और पंजाब के बाद गोवा आम आदमी पार्टी के लिए तीसरा राज्य होगा. अगर आपको लग रहा है कि आम आदमी पार्टी गोवा में क्या करने जा रही है तो आपके लिए गोवा में हुए हालिया घटनाक्रम को जानना जरूरी है.

स्थानीय लोग सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए अयस्क को राज्य से बाहर भेजे जाने का विरोध कर रहे हैं

2012 की शुरुआत में कांग्रेस के शासनकाल में गोवा में 35,000 करोड़ रुपये के खनन घोटाले का पर्दाफाश हुआ था. भ्रष्टाचार को खत्म करने का वादा कर बीजेपी सत्ता में आई.

अक्टूबर 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में खनन पर प्रतिबंध लगा दिया. अब एक बार फिर गोवा का खनन इलाका अशांत है. 2012 से पहले निकाले गए अयस्क को राज्य से बाहर भेजे जाने का स्थानीय नागरिक विरोध कर रहे हैं.

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स्थानीय लोग सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए अयस्क को राज्य से बाहर भेजे जाने का विरोध कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि पुराने अयस्क की आड़ में नए सिरे से खुदाई कर खनिज को बाहर भेजा जा रहा है. लोगों की मांग है कि स्थानीय सहकारी समितियों को माइंस का मालिकाना हक दिया जाए.

पूरा मामला मार्च के आखिर में गरमा गया जब एक युवा सरपंच को जेल में रखकर इसलिए मारा गया क्योंकि उन्होंने लौह अयस्क से भरे एक ट्रक को रोकने की कोशिश की थी.

पार्टी को उम्मीद है गोवा के लोगों में पहले कांग्रेस के शासनकाल के दौरान भ्रष्टाचार को लेकर गुस्सा था और अब एक बार फिर से वही गुस्सा बीजेपी के खिलाफ उभर रहा है

11 अप्रैल को मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने इस मामले में दखल दिया. उन्होंने राज्य विधानसभा में गांव वालों से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि आगे से गांव से लौह अयस्क को बाहर नहीं भेजा जाएगा. उन्होंने कहा कि जब तक गांव वालों की मांगों पर विचार किया जाता है तब तक यह स्थिति बनी रहेगी.

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अगली सुबह लोगों को पता चल गया कि पारसेकर ने जो भी कहा वह गलत था. अयस्क को गांव से बाहर भेजने का सिलसिला जारी रहा. बीजेपी के स्थानीय विधायक और ट्रांसपोर्ट कॉन्ट्रैक्टर के बीच सांठ गांठ होने की वजह से लोगों को इसमें कोई आश्चर्य भी नहीं हुआ.

अब यही से गोवा में आम आदमी पार्टी के लिए उम्मीद शुरू होती है क्योंकि फिलहाल गोवा में बीजेपी की सरकार वहीं सब करती दिख रही है जो पहले की कांग्रेस सरकार ने किया था.

भारी उम्मीदें

पार्टी को उम्मीद है गोवा के लोगों में पहले कांग्रेस के शासनकाल के दौरान भ्रष्टाचार को लेकर गुस्सा था और अब एक बार फिर से वही गुस्सा बीजेपी के खिलाफ उभर रहा है क्योंकि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही है. 

पार्टी को लगता है कि वह राज्य में कांग्रेस और बीजेपी का विकल्प पेश कर सकती है. पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत समेत कांग्रेस के मंत्रियों को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमबी शाह की अध्यक्षता में गठित आयोग घोटाले में शामिल करार दे चुका है.

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2015 में एंटी करप्शन ब्यूरो ने कामत और आधे दर्जन  से अधिक मंत्रियों और अधिकारियों के खिलाफ जांच बंद कर दिया था.

मसला केवल माइनिंग का भी नहीं है. बीजेपी एक से अधिक मामलों में कांग्रेस की तरह नजर आ रही है. मसलन रीजनल प्लान फॉर गोवा 2021 का मामला है. 

आम आदमी पार्टी की योजना राज्य की सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ने की है. आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मई में गोवा में रैली करने वाले हैं

ऐसा समझा जाता है कि इस पूरी योजना में रियल एस्टेट इंडस्ट्री के हितों को प्राथमिकता दी गई है. 2012 में चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी ने इस योजना को रद्द करने का वादा किया था.

सत्ता में आने के तीन साल बाद सरकार ने दिसंबर 2015 में इस योजना को फिर से शुरू कर दिया. आम आदमी पार्टी के गोवा सचिव वाल्मीकि नायक कहते हैं, 'हम जहां भी जाते हैं, लोग हमसे कहते हैं कि वह बीजेपी को दुबारा से सत्ता में आते हुए नहीं देखना चाहते हैं. और कांग्रेस बतौर विपक्ष कहीं है ही नहीं.'

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नायक ने कहा, 'बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही बिल्डर लॉबी की मदद से जमीन के हर इंच पर कंक्रीट का जंगल बिछा दिया है. इन्होंने नियमों का घोर उल्लंघन किया है. हमारा आरपी 21 के लिए अपना प्लान तैयार है जिसे मशहूर आर्किटेक्ट और प्लानर्स ने तैयार किया है.'

आम आदमी पार्टी की योजना राज्य की सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ने की है. आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मई में गोवा में रैली करने वाले हैं.

पार्टी के जनरल सेक्रेटरी पंकज गुप्ता लगातार गोवा की यात्रा कर रहे हैं और वह इस दौरान स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं.

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गुप्ता ने नवेलिम में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की है. यहां से पिछले चुनाव में कांग्रेस के मजबूत और पूर्व मुख्यमंत्री चर्चिल अलेमाओ की जगह लोगों ने स्वतंत्रत्र उम्मीदवार को जिताया है. 

गुप्ता ने कहा, 'गोवा के लोग पारंपरिक तौर पर सत्ताधारी दल के खिलाफ वोट करते हैं. इस बार वह विकल्प के लिए वोट करेंगे. हम उन्हें बताना चाहते हैं कि आप उनके लिए बेहतर विकल्प है.'

आसान नहीं होगी राह

गोवा में कांग्रेस और बीजेपी बड़ी पार्टी हैं. 1990 के बाद से कुछ सालों को छोड़कर गोवा में हर पांच साल पर सरकार बदलती रही है. 2000 मे मनोहर पर्रिकर के जाने के बाद गोवा में कांग्रेस मजबूत हुई थी.

2012 में भाजपा को विधानसभा की 82 फीसदी सीटें और 75 फीसदी मत मिले थे. 2014 में लोकसभा चुनाव में बीजेपी दोनों सीट जीतने में सफल रही जबकि कांग्रेस के खाते में महज एक सीट गई.

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बाकी के मत महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी, गोवा विकास पार्टी, शिवसेना और एनसीपी समेत अन्य स्वतंत्र उम्मीदवारों को मिले. गोवा कांग्रेस के एक बड़े नेता ने बताया चुनाव परिणाम अक्सर कुछ सौ वोटों से तय होते हैं. 

राज्य में करीब 10 लाख मतदाता है. नेता ने कहा, 'गोवा में बीजेपी और कांग्रेस के बड़े नेता अक्सर वोटों की खरीदारी कर चुनाव का माहौल बदल देते हैं.'

आप का यहां कोई जमीनी संगठन नहीं है. गोवा में आपको जीतने के लिए 10-15 साल की मेहनत करनी होती है

आप के जीतने की संभावना को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी बस दोनों दलों के वोट बैंक में सेंध लगा सकती है. गोवा में आम आदमी पार्टी के जीतने की संभावना इस बात पर निर्भर करती है कि बीजेपी और कांग्रेस किस तरह से छोटे दलों के साथ गठबंधन करते हैं.

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गोवा बीजेपी के प्रमुख विनय तेंदुलकर ने कहा, 'आप का यहां कोई जमीनी संगठन नहीं है. गोवा में आपको जीतने के लिए 10-15 साल की मेहनत करनी होती है.'

उन्होंने कहा, लोकसभा चुनाव में आप को कई विधानसभा में 1,000 से 1,500 वोट मिले थे. कुछ विधानसभा में तो पार्टी को महज 300 वोट मिले थे. अगला चुनाव मुख्य रूप से कांग्रेस और बीजेपी के बीच होगा.

First published: 18 April 2016, 14:30 IST
 
निहार गोखले @nihargokhale

Nihar is a reporter with Catch, writing about the environment, water, and other public policy matters. He wrote about stock markets for a business daily before pursuing an interdisciplinary Master's degree in environmental and ecological economics. He likes listening to classical, folk and jazz music and dreams of learning to play the saxophone.

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