Home » इंडिया » Golden temple's big gift to Modi government, for the first time since 1984, foreign donations received permission
 

स्वर्ण मंदिर को मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, 1984 के बाद पहली बार विदेशी दान लेने की मिली अनुमति

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 September 2020, 15:55 IST

1984 के बाद पहली बार स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) को केंद्र सरकार द्वारा विदेशी दान (foreign donations) प्राप्त करने की अनुमति दी गई है. एक रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने स्वर्ण मंदिर के लिए अगले 5 वर्षों के लिए विदेशी दान खोल दिया है. ऑपरेशन ब्लू स्टार (Operation Blue Star) के बाद गोल्डन टेंपल के लिए विदेशी फंडिंग पर रोक लगा दी गई थी, इस मुद्दे को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने केंद्र के सामने कई बार उठाया था.

रिपोर्ट के अनुसार एसजीपीसी के पूर्व अध्यक्ष गुरचरण सिंह टोहरा इस मुद्दे को उठाने वाले पहले व्यक्ति थे और एसजीपीसी ने इस साल मई में फिर से इस मामले को उठाया था. पिछले दो वर्षों में केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह और अमित शाह के साथ इस मुद्दे को उठाया गया था और स्वर्ण मंदिर के लिए विदेशी दान खोलने की मांग की गई थी. यह लंबे समय से एक लंबित मांग थी. स्वर्ण मंदिर में धन को रोकने के पीछे कोई कारण नहीं था, क्योंकि वह मानवीय कार्यों पर धन खर्च करता है और एक मुफ्त रसोईघर चला रहा है.


केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने भी फंड खोलने के लिए केंद्र सरकार को समझाने में बड़ी भूमिका निभाई. एक संस्था के रूप में SGPC केंद्र सरकार और सिख आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले के बीच विवाद में कभी भी पक्षकार नहीं थी. विदेशी दान की शुरुआत एसजीपीसी के लिए इस साल बड़ी राहत है क्योंकि कोविड-19 के कारण स्वर्ण मंदिर का चढ़ावा प्रभावित हुआ है.

स्वर्ण मंदिर सामुदायिक रसोई चलाने पर सालाना 40 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करता है जो सभी के लिए मुफ्त है. स्वर्ण मंदिर का दान पिछले साल 250 करोड़ रुपये को पार कर गया. एसजीपीसी की मुख्य आय लगभग 12,000 कर्मचारियों और अपने कार्यों को चलाने पर खर्च होती है.

लॉकडाउन ने शिरडी साईंबाबा की कमाई कर दी आधी, जानिए मार्च से अगस्त तक कितना दान आया

First published: 10 September 2020, 15:55 IST
 
अगली कहानी