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नहीं रहे मशहूर गीतकार गोपालदास नीरज, 93 साल की उम्र में निधन

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 July 2018, 7:54 IST

बॉलीवुड को कई मशहूर गाने देने वाले गीतकार गोपालदास नीरज का निधन हो गया. 93 साल की उम्र में दिल्‍ली के एम्‍स अस्पताल में नीरज का निधन हुआ. नीरज के बेटे शशांक ने बताया की उन्हें पहले इलाज के लिए आगरा ले जाया गया. जहां से उन्हें दिल्ली एम्स अस्पताल भेजा गया. एम्स अस्पताल में डॉक्टर्स के प्रयासों के बाद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका. शशांक ने बताया कि नीरज की पार्थिव देह को आगरा में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. उसके बाद अलीगढ़ ले जाया जाएगा जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

नीरज का पूरा नाम गोपालदास सक्सेना 'नीरज' था. उन्हें वे केवल हिंदी साहित्य जगत के प्रतिष्ठित कवियों और रचनाकारों में ही नहीं बल्कि हिंदी सिनेमा के मशहूर गीतकारों में भी काफी प्रतिष्ठित नाम रहे हैं. भारत सरकार ने उन्हें साहित्य के क्षेत्र में पद्म श्री और पद्म भूषण सम्मान से नवाजा है. हिंदी सिनेमा में बेहतरीन गाने लिखने के लिए उन्हें तीन बार फिल्म फारे पुरस्कार भी मिला है. गोपालसदास नीरज की जन्मस्थान इटावा का एक गांव पुरावली है.

'नीरज' का शुरूआती जीवन बहुत मुश्किलों से भरा रहा है. उनके पिता की मौत 6 साल की उम्र में ही हो गयी थी. इसके बाद उन्होंने इटावा की कचहरी में टाइपिस्ट का काम किया. उन्होंने सिनेमाघर में भी नौकरी की. मेरठ के कॉलेज में कुछ वक़्त तक हिंदी के प्रवक्ता रहे. कवी सम्मेलन करते रहने के कारण उन्हें मुंबई आने का मौका मिला और मुंबई ने उन्हें गीतकार के रूप में एक अलग ही पहचान दिलाई.

इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड की कई फिल्मों के लिए गाने लिखे. उनके लिखे गाने ऐसे अमर हुए कि आज भी लोग उनके गाने को गुनगुनाते हुए दिख जाएंगे. उनके लिखे हुए 'लिखे जो खत तुझे...', 'आज मदहोश हुआ जाए...', 'ए भाई जरा देखके चलो...', 'दिल आज शायर है, ग़म आज नगमा है...', 'शोखियों में घोला जाये, फूलों का शबाब..' जैसे तमाम गानों को लिखकर अमर हो गये.

First published: 20 July 2018, 7:54 IST
 
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