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गोरखपुर: बीआरडी हॉस्पिटल में 30 मासूमों की मौत के आरोपी ऑक्सीजन सप्लायर को मिली जमानत

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 April 2018, 15:19 IST

सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को गोरखपुर के बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता मनीष भंडारी को जमानत दे दी. बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज में 2017 में ऑक्सीजन की कमी के चलते बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हो गई थी.

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर व न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ ने मनीष भंडारी को जमानत दे दी. अदालत को बताया गया कि भंडारी बीते सात महीनों से जेल में है.

उत्तर प्रदेश की तरफ से पेश वकील ऐश्वर्य भाटी ने जमानत याचिका का विरोध किया. भंडारी पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक साजिश व आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज किया गया था.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,मनीष भंडारी की पुष्पा सेल्स नामक कंपनी की बेस वैल्यू 21 करोड़ रुपए है और वर्ष 2010-11 में कंपनी का टर्नओवर 250 करोड़ रुपए रहा था. इतनी बड़ी कंपनी होने और वर्षों से काम करते रहने के बावजूद 63 लाख रुपए के लिए मनीष ने ऑक्सीजन की सप्लाई रोक दी थी. कंपनी ने 2014 में इस अस्पताल में सप्लाई शुरू की थी. पेमेंट का यह झगड़ा 23 नवंबर 2016 से शुरू हुआ.

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आपको बता दें कि राज्य संचालित बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कथित तौर पर तरल ऑक्सीजन की कमी के कारण 10 व 11 अगस्त, 2017 को करीब 30 बच्चों की मौत हो गई थी. हादसे के बाद अस्पताल के तत्कालिक इंचार्ज डॉ राजीव मिश्र, उनकी पत्‍नी डॉ पूर्णिमा शुक्‍ला , डॉ कफील खान समेत 9 लोगों को हिरासत में ले लिया गया था.

First published: 10 April 2018, 14:52 IST
 
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