Home » इंडिया » Government committee will take decision on JNU deadlock, students move towards Parliament
 

जेएनयू गतिरोध पर सरकारी समिति लेगी निर्णय, संसद की ओर बढे छात्र

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 November 2019, 14:34 IST

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में जारी गतिरोध को समाप्त करने और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए जरूरी कदमों की अनुशंसा करने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय समिति गठित की. तीन सदस्यीय समिति में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के पूर्व चेयरमैन प्रोफेसर वी.एस. चौहान, एआईसीटीई के चेयरमैन प्रोफेसर अनिल सहस्रबुद्धे और यूजीसी के सचिव प्रोफेसर रजनीश जैन शामिल हैं.

आज से संसद का सत्र  शुरू हो रहा है, इस बीच  JNU में फीस वृद्धि को लेकर छात्र सड़क पर उतरकर संसद की ओर बढ़ रहे हैं.  इस दौरान पुलिस ने छात्र संघ अध्यक्ष ऐशी घोष को हिरासत में ले लिया है. प्रशासन ने इलाके में धारा 144 लगा लगाई है. दक्षिण-पश्चिम जिले के डीसीपी के आदेश के बाद विश्वविद्यालय के बाहर एक बैनर भी लगाया गया था, इसमें कहा गया है कि नियम का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. 

 

उच्च शिक्षा विभाग के केंद्रीय विश्वविद्यालय ब्यूरो की तरफ से जारी आदेश के अनुसार, समिति सभी संबद्ध लोगों से वार्ता करेगी और जेएनयू प्रशासन को विवादित मुद्दों के समाधान के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह देगी. मंत्रालय के आदेश के अनुसार, "उपरोक्त समिति को तत्काल छात्रों और यूनिवर्सिटी प्रशासन से बात करने तथा मुद्दों को सुलझाने के लिए जरूरी कदमों की सिफारिश की रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया है."

जेएनयू छात्र पिछले 20 दिनों से तबसे यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, जब छात्रावास (हॉस्टल) की नियमावली का मसौदा पेश किया गया था, जिसमें हॉस्टल की फीस बढ़ाने, ड्रेस कोड और हॉस्टल की टाइमिंग (समय सारिणी) निर्धारित की गई थी.

एजेंसी इनपुट के साथ 

JNU छात्रों का संसद कूच, पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े

First published: 18 November 2019, 14:28 IST
 
अगली कहानी