Home » इंडिया » Government introduced a new law to impose penalty for possession of banned 500-1000 currency notes & made it punishable
 

कानूनः 500-1000 के बंद नोट मिलने पर होगी सजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 March 2017, 19:00 IST

नोटबंदी के बाद देश में कई अभूतपूर्व घोषणाएं हुईं. अब एक ताजा घोषणा यह हुई है कि अगर किसी व्यक्ति के पास 1000-500 के पुराने बंद हुए 10 से ज्यादा करेंसी नोट पाए जाते हैं तो उसे सजा हो सकती है.

सरकार ने इस संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है और बंद 1000-500 के 10 से ज्यादा नोट मिलने पर कम से कम 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.

बीते माह 'द स्पेसिफाइड बैंक नोट्स (सेसेशन ऑफ लाइबिलिटीज) एक्ट 2017' को संसद द्वारा मंजूरी दे दी गई. इसके बाद 27 फरवरी को राष्ट्रपति डॉ. प्रणब मुखर्जी ने भी इसपर हस्ताक्षर कर दिए.

इतना नहीं अब वे लोग जो नोटबंदी के दौरान यानी 9 नवंबर से लेकर 30 दिसंबर 2016 तक भारत के बाहर थे, द्वारा गलत जानकारी दी गई तो उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना किया जाएगा.

नया कानून द स्पेसिफाइड बैंक नोट्स (सेसेशन ऑफ लाइबिलिटीज) एक्ट 2017 आगामी 1 अप्रैल से लागू होगा. इसके मुताबिक 31 मार्च 2017 के बाद 500 और 1000 रुपये के बंद हो चुके नोट रखने वालों को जुर्माने के साथ ही जेल की सजा भी दी जा सकती है.

हालांकि सरकार ने शोध या अध्ययन के लिए अधिकतम 25 नोट रखने की छूट दी है. लेकिन इससे ज्यादा नोट रखने या कानून का उल्लंघन करने पर 10,000 रुपये या फिर जब्त की गई पुरानी करेंसी का पांच गुना (जो भी ज्यादा हो) के बराबर जुर्माना ठोका जाएगा.

इस नए कानून के अस्तित्व में आने के बाद इन नोटों पर सरकार और रिजर्व बैंक की देनदारी दायित्व भी समाप्त हो गया है.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा करते हुए 30 दिसंबर 2016 तक पुराने नोटों को बैंकों में जमा करने की छूट दी थी. इसके बाद उन्होंने 31 मार्च 2016 तक पुराने नोटों को हलफनामें समेत रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में बदलने की भी छूट दी थी.

लेकिन 30 दिसंबर 2016 की मियाद समाप्त होने के बाद सरकार ने 31 मार्च 2017 तक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में आम जनता द्वारा पुराने नोट बदलने की घोषणा को वापस ले लिया और केवल ऐसे व्यक्तियों के नोट आरबीआई द्वारा बदलने की घोषणा की जो नोटबंदी की अवधि के दौरान विदेश में रह रहे थे और उनके पास इसका सबूत हो.

नया कानून द स्पेसिफाइड बैंक नोट्स (सेसेशन ऑफ लाइबिलिटीज) एक्ट 2017 आगामी 1 अप्रैल से लागू होगा. इसके मुताबिक 31 मार्च 2017 के बाद 500 और 1000 रुपये के बंद हो चुके नोट रखने वालों को जुर्माने के साथ ही जेल की सजा भी दी जा सकती है.

हालांकि सरकार ने शोध या अध्ययन के लिए अधिकतम 25 नोट रखने की छूट दी है. लेकिन इससे ज्यादा नोट रखने या कानून का उल्लंघन करने पर 10,000 रुपये या फिर जब्त की गई पुरानी करेंसी का पांच गुना (जो भी ज्यादा हो) के बराबर जुर्माना ठोका जाएगा.

इस नए कानून के अस्तित्व में आने के बाद इन नोटों पर सरकार और रिजर्व बैंक की देनदारी दायित्व भी समाप्त हो गया है.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा करते हुए 30 दिसंबर 2016 तक पुराने नोटों को बैंकों में जमा करने की छूट दी थी. इसके बाद उन्होंने 31 मार्च 2016 तक पुराने नोटों को हलफनामें समेत रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में बदलने की भी छूट दी थी.

लेकिन 30 दिसंबर 2016 की मियाद समाप्त होने के बाद सरकार ने 31 मार्च 2017 तक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में आम जनता द्वारा पुराने नोट बदलने की घोषणा को वापस ले लिया और केवल ऐसे व्यक्तियों के नोट आरबीआई द्वारा बदलने की घोषणा की जो नोटबंदी की अवधि के दौरान विदेश में रह रहे थे और उनके पास इसका सबूत हो.

First published: 1 March 2017, 19:00 IST
 
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