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कावेरी जल विवाद: केंद्र सरकार कर्नाटक चुनाव में व्यस्त, SC से हल निकालने के लिए मांगा वक्त

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 May 2018, 14:02 IST

कावेरी जल विवाद मामले को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से और समय मांगा है. केंद्र सरकार ने कावेरी जल बंटवारे के फैसले को लागू करने को लेकर योजना तैयार करने के सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट से और समय मांगा है. सरकार ने गुरुवार को शीर्ष कोर्ट में कहा कि योजना तैयार करने के लिए उसे और वक्त चाहिए क्योंकि प्रधानमंत्री सहित कैबिनेट मंत्री सभी कर्नाटक चुनाव में व्यस्त हैं.

सुप्रीम कोर्ट कावेरी जल बंटवारे के फैसले को लागू करने के लिए योजना तैयार न करने पर केंद्र सरकार को पहले ही फटकार लगा चुका है. कोर्ट ने केंद्र सरकार से 8 मई तक कावेरी जल बंटवारे की योजना तैयार करके देने का निर्देश दिया था. मगर सरकार आज भी शीर्ष अदालत के समक्ष कोई मसौदा पेश नहीं कर पाई.

कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण के फैसले के अनुसार मसौदा तैयार किया जाना है. तमिलनाडु ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लेने का केंद्र पर आरोप लगाया है. तमिलनाडु का कहना है कि यह संघवाद की हत्या है और पक्षपातीर रवैये को दर्शाता है.

केंद्र सरकार को दाखिल करना होगा हलफनामा

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कर्नाटक सरकार को चेताया है. कोर्ट ने कहा कि अगर कर्नाटक ने आदेश का पालन नहीं किया तो परिणाम भुगतना पड़ेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार से तमिलनाडु को पानी देने के लिए कहा है. इसके अलावा केंद्र सरकार को इस मामले में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. इस मामले की अगली सुनवाई 8 मई को होगी.

 

दरअसल इससे पहले अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी से तमिलनाडु को मिलने वाले 192 टीएमसी पानी को घटाकर 177.25 टीएमसी कर दिया गया था. जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी जल विवाद को निपटाने के लिए केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि वह कावेरी नदी के पानी के प्रबंधन के लिए कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड का गठन करे. शीर्ष कोर्ट के फैसले के बावजूद केंद्र सरकार ने कावेरी मैनेजमेंट का बोर्ड का गठन नहीं किया. इसके लिए सरकार को लोगों का विरोध भी झेलना पद रहा है.

 

 

First published: 3 May 2018, 14:02 IST
 
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