Home » इंडिया » Govt agreed Farmers' demanded that their tractors are equipment of agriculture & should be kept out of vehicles' list
 

10 साल पुराने ट्रैक्टरों पर सरकार ने मानी किसानों की ये अहम मांग

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 October 2018, 12:50 IST

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री जीएस शेखावत ने कहा है कि उन्होंने किसान क्रांति पदयात्रा कर रहे किसानों की उस मांग को मान लिया गया है जिसमे एनजीटी के आदेश से किसानों को अलग रखने की मांग की गई थी. इस आदेश में 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को दिल्ली एनसीआर में प्रवेश करने की इजाजत नहीं थी.

 

किसानों ने मांग की थी कि उनके ट्रैक्टर कृषि के उपकरण हैं और उन्हें वाहनों की सूची से बाहर रखा जाना चाहिए. कृषि राज्य मंत्री ने कहा कि इस पर सरकार अब सहमत हो गई है. इससे पहले किसान लगातार नेशनल नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के उस आदेश को हटाने की मांग कर रहे थे जिसमे दस साल से अधिक पुराने के निजी और वाणिज्यिक डीजल ट्रैक्टरों को हटाने की बात की गई है.

बीकेयू ने सरकार को या तो नए ट्रैक्टर खरीदने या एनजीटी आदेश को स्क्रैप करने की मांग की है. पिछले कुछ महीनों में डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि ने सरकार द्वारा फसलों बढाई गई एमएसपी के लाभ को समाप्त कर दिया है.

डीजल से ट्रैक्टर, कटाई और सिंचाई पंप जैसे विभिन्न कृषि उपकरणों का उपयोग किया जाता है. इसने अधिकांश फसलों के लिए उत्पादन की लागत में वृद्धि की है. ईंधन की कीमतों में वृद्धि ने इस प्रकार किसानों के मार्जिन में काफी कमी आई है.

First published: 3 October 2018, 12:48 IST
 
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