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जाकिर नाइक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को मिलने वाले फंड की जांच शुरू

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:48 IST

विवादित इस्लामिक धर्मगुरु जाकिर नाइक पर केंद्र सरकार का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. सरकार ने नाइक के एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) को विदेशों से मिलने वाले धन की जांच शुरू कर दी है.

इससे पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के द्वारा उनके विवादास्पद भाषणों की सीडी की जांच भी शुरू हो चुकी है. ढाका आतंकी हमले में शामिल कुछ हमलावर कथित तौर पर जाकिर नाइक से प्रेरित बताए जाते हैं.

केंद्र ने यह कदम महाराष्ट्र सरकार के उस फैसले के बाद उठाया है, जब प्रदेश सरकार ने भी इस्लाम धर्म प्रचारक जाकिर नाइक के उन भाषणों की जांच के आदेश दिए हैं, जिनसे वह विवादों के घेरे में आए हैं.

आईआरएफ की गतिविधियां केंद्रीय गृह मंत्रालय की नजरों में तब आईं जब ये आरोप लगे कि इस संस्था की ओर से प्राप्त किए गए विदेशी धन को राजनीतिक गतिविधियों और लोगों में कट्टरपंथी भावनाएं पैदा करने के लिए खर्च किया गया.

आईआरएफ जांच के मामले में गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विदेशी चंदा नियमन कानून (एफसीआरए) के तहत पंजीकृत आईआरएफ की गतिविधियों की जांच के आदेश दिए गए हैं.

अधिकारी ने कहा कि गृह मंत्रालय की जांच के दायरे में ये आरोप आएंगे कि आईआरएफ को विदेशों से मिले चंदे का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों और लोगों को इस्लाम की तरफ प्रेरित करने और युवाओं को आतंकवाद की तरफ आकर्षित करने में किया गया.

एनजीओ के ऐसी सभी गतिविधियां एफसीआरए के प्रावधानों के विपरीत हैं और उन मामलों में हुए कानून के उल्लंघन पर दंड का भी विशेष प्रावधान भी है. अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्रालय आईआरएफ को विदेशों से मिलने वाले धन के स्रोत का भी पता लगाएगा.

First published: 9 July 2016, 11:02 IST
 
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