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इस मशहूर लेखिका ने पदम् पुरस्कार लेने से किया इंकार, बताई ये बड़ी वजह

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 January 2019, 14:04 IST

इस साल गणतंत्र दिवस के ठीक पहले देश में पदम् अवार्ड की घोषणा की गई. पदम् अवार्ड्स के लिए कुल 112 हस्तियों को नामित किया गया है. पदम् पुरस्कारों की इस सूची में चार पद्म विभूषण, 14 पद्म भूषण और 94 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं. पदम् पुरस्कार के लिए जानी-मानी लेखिका और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की बहन गीता मेहता का नाम भी घोषित किया गया था.

लेकिन गीता मेहता ने ये यह अवार्ड लेने से इंकार कर दिया. गीता मेहता का कहना है कि इस समय देश में लोकसभा चुनावों का माहौल चल रहा है और इस समय उनका ये पुरस्कार लेना उचित नहीं है. आपको बता दें, इस पुरस्कार को लेने से इंकार करने के लिए गीता मेहता ने बाकायदा एक प्रेस स्टेटमेंट भी जारी किया.

इस स्टेटमेंट में उन्होंने स्वयं को पदम् पुरस्कार के लिए चयनित होने पर सम्मानित महसूस करने के साथ ही पुरस्कार को अस्वीकार करने का कारण बताया हैइस प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने लिखा कि "मैं बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं कि भारत सरकार ने मुझे पद्म श्री जैसे सम्मान के लायक समझा, लेकिन अफसोस के साथ मुझे इसे लेने से इनकार करना पड़ रहा है. देश में आम चुनाव नजदीक हैं और ऐसे वक्त पर अवॉर्ड लेने से समाज में गलत संदेश जाएगा, जो मेरे और सरकार दोनों के लिए शर्मिंदगी की बात होगी. इसका मुझे हमेशा अफसोस रहेगा"

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गौरतलब है कि गीता मेहता को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्म श्री सम्मान देने की घोषणा की गई थी. गीता मेहता बीते 40 सालों से साहित्य के क्षेत्र में अपना योगदान दे रही हैं. गीता मेहता इस समय अमरीका में हैं. न्यूयॉर्क से ही उन्होंने इस पुरस्कार को लेने से इनकार किया है. हालांकि गृह मंत्रालय ने उन्हें यह पुरस्कार 'फॉरेनर' कैटिगरी दिया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वह भारतीय नागरिक हैं और भारतीय पासपोर्ट भी रखती हैं.

First published: 26 January 2019, 14:04 IST
 
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