Home » इंडिया » Ground reports from Deoria: Congress claim loan waiver
 

देवरिया से ग्राउंड रिपोर्ट: खटिया लुटाकर कांग्रेस का कर्जमाफ़ी का दावा

पत्रिका ब्यूरो | Updated on: 6 September 2016, 17:19 IST
(पत्रिका)

देश के अलग-अलग राज्यों में चुनावी मोर्चों पर एक के बाद एक हार से बेदम हो चुकी कांग्रेस का यह नया रूप है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रुद्रपुर में खाट सभा करके कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपनी 25 सौ किलोमीटर की किसान यात्रा में आगे के लिए निकल चुके हैं.

भीड़ सड़कों पर खाट सभा में इस्तेमाल की गई खटिया लेकर सड़कों पर दौड़ रही है, चौक चौराहों पर लोग एक दूसरे से छिना झपटी कर रहे हैं. बताया जाता है कि राहुल गांधी रुद्रपुर से कुछ दूर दुग्धेश्वर नाथ के मंदिर में पहले रुद्राभिषेक किया फिर मछली, बटर चिकन और बिरयानी का भोजन करके अगली खाट सभा में बढ़ गए.

खाने से पहले उनके भोजन की जांच हुई. रुद्रपुर के छात्र राहुल कहते हैं कि निस्संदेह राहुल गांधी की सभा में भीड़ अपेक्षा से ज्यादा थी लेकिन इस भीड़ के पीछे स्थानीय विधायक अखिलेश प्रताप सिंह और उनकी छवि का हाथ था न कि राहुल या कांग्रेस पार्टी. स्त्रियों को राहुल बाबा को देखना था, युवाओं के लिए यह त्यौहार जैसा है.

सूखे से प्रभावित देवरिया जिले के इस इलाके में किसानों को मुआवजे के नाम पर केवल आश्वासन मिला है. किसान कर्ज में डूबे हैं और उनकी हर आवाज अब तक अनसुनी रही है. राहुल गांधी की खाट सभा से पहले किसानों से कर्ज माफी भरवाने की जिस शोशेबाजी का प्रशांत किशोर ने इंतजाम किया था वो फिलहाल फ्लॉप शो साबित हुई है. ग्रामीण किसानों को तत्काल मदद चाहिए उन्हें न तो वादा चाहिए न इन्तजार.

भीड़ इकठ्ठा करने में सफल रही कांग्रेस

यूपी के महासमर से पूर्व राहुल गांधी की खाट सभा का पहला दिन भीड़ के लिहाज से सफल रहा है लेकिन किसानों, मजदूरों, ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित करने में कांग्रेस को कोई तात्कालिक सफलता मिलती नहीं नजर आती है. दूर दराज के इलाकों से आये लोग खाट सभा से पहले हुई बातचीत में कर्ज माफ़ी, बिजली और सिंचाई से जुडी समस्याओं को लेकर कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी से जवाब की अपेक्षा कर रहे थे.

महिलाओं को गैस कनेक्शन, विधवा पेंशन समेत अन्य योजनाओं के लाभ से वंचित होने का मलाल है और उन्हें लगता है कि राहुल गांधी उनकी समस्या का तात्कालिक समाधान कर देंगे. लेकिन राहुल खाट सभा के दौरान अपने भाषण में साफ कर देते हैं कि न तो दिल्ली में उनकी सरकार है न ही राज्य में, लेकिन अगर उनकी सरकार बनी और वो यूपी से समाजवादी पार्टी और केंद्र से कथित सूट-बूट वाली सरकार को बाहर करने में सफल रहे तो उत्तर प्रदेश के साथ देश भी बदलेगा.

चीनी खटिया पर खाट सभा

सभा के दौरान राहुल की नजर भीड़ पर कम अपने मोबाइल पर ज्यादा रही. सभा शुरू होने से पहले ही आधे से ज्यादा खटिया जमींदोज हो चुकी थी. वहीं कुछ बरसात की वजह से गीली होकर बेकाम की साबित हुई. रुद्रपुर के हरिहर कहते हैं कि कांग्रेस पार्टी ने खटिया की बुनाई चीनी प्लास्टिक से बनी रस्सियों से कराई है. अगर इसमें नारियल या जूट की रस्सी का इस्तेमाल किया जाता तो कम से कम अभावग्रस्त किसानों को कुछ लाभ मिल जाता.

राहुल गांधी के साथ खाट सभा में गुलाम नबी आजाद और अखिलेश प्रताप सिंह जैसे स्थानीय नेता भी परछाई की तरह नजर आए. राहुल गांधी चाहते हैं कि नेता कम बोले स्थानीय किसान ज्यादा बोलें तो नेता उन किसानों को आगे कर देते हैं जिन्हें पहले से पता है कि उन्हें राहुल गांधी से क्या कहना है.

नाउम्मीदी से भरे यूपी में किसानों को उम्मीद

राहुल गांधी की खटिया सभा और किसान यात्रा के बाद अब जबकि भीड़ छट चुकी है हम खाली मैदान में कुछ नागरिकों के साथ बैठे हैं. स्थानीय शिक्षक प्रमोद कुमार यादव से हम पूछते हैं कि क्या राहुल गांधी को और कांग्रेस को इस आयोजन से देवरिया में कोई बड़ा लाभ मिलने जा रहा हैं? प्रमोद कहते हैं कि किसानों को उम्मीद जगी है कि उनकी कर्ज माफ़ी हो जाएगी और बिजली का बिल आधा हो जाएगा, लेकिन शायद कांग्रेस पार्टी को पता नहीं है कि यहां बिजली आती ही नहीं है. कर्जदार तो हम तब भी रहे जब कांग्रेस की सरकार थी.

विजय कौशिक कहते हैं कि पूर्वांचल का दुर्भाग्य है कि यहां कांग्रेस का कोई बड़ा नेता नहीं रहा है. वो कहते हैं, "कांग्रेस पार्टी जो वादे कर रही है अगर पूरा कर दे तो केवल देवरिया क्या पूरा प्रदेश बदल जाएगा." पर क्या करें उत्तर प्रदेश कमबख्त कुछ भी नहीं बदलता, बीच मैदान में एक टेंट हाउस वाला चीख रहा है उसकी सैकड़ों चारपाई लेकर लोग अपने अपने घरों को लौट गए हैं.

First published: 6 September 2016, 17:19 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी